रिपोर्टर: जेड ए खान
अलीगढ़। थाना अकराबाद क्षेत्र के गांव दुभिया में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद मायके पक्ष ने महिला की हत्या का आरोप लगाते हुए ससुराल वालों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी।
गांव दुभिया निवासी यशवीर की 28 वर्षीय पत्नी सुनीता देवी की मौत को लेकर परिजन और मायके पक्ष के बयान आमने-सामने हैं। एक ओर पति की तरफ से इसे आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मायके वालों ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की बातों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।
पति ने मानसिक बीमारी का बताया कारण:
मृतका के पति यशवीर ने पुलिस को बताया कि सुनीता देवी काफी समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं और उनका इलाज अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज (Aligarh Medical College) में चल रहा था। उनके अनुसार, मानसिक बीमारी के चलते सुनीता का व्यवहार अक्सर असंतुलित रहता था, जिससे घर में कलह की स्थिति बनी रहती थी। पति का कहना है कि शनिवार दोपहर वह बच्चों को स्कूल से लेने गए थे, उसी दौरान सुनीता ने नींद की करीब तीस गोलियां खा लीं, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
पूर्व में मायके में रह चुकी थी मृतका:
परिजनों ने यह भी जानकारी दी कि सुनीता देवी करीब दो साल पहले लगभग एक वर्ष तक अपने मायके डडार अलूपुरा, थाना पाली मुकीमपुर में रह चुकी थीं। इसके बाद पिछले आठ महीनों से वह दोबारा अपने ससुराल में रह रही थीं। इस दौरान इलाज भी जारी था, लेकिन मानसिक स्थिति में विशेष सुधार नहीं हो पाया था, ऐसा पति का कहना है।
मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप:
मृतका के भाई विनोद कुमार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सुनीता को लगातार परेशान किया जाता था और इसी प्रताड़ना के चलते उसकी हत्या की गई है। विनोद कुमार का आरोप है कि ससुराल वालों ने सुनीता को जहरीला पदार्थ खिलाकर उसकी जान ले ली। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया:
सुनीता देवी अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। इनमें 7 वर्षीय बेटी आयांशी, 5 वर्षीय बेटा पीयूष और 2 वर्षीय बेटी प्रियांशी शामिल हैं। मां की अचानक मौत से बच्चों की स्थिति को लेकर भी परिवार और ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। गांव के लोगों का कहना है कि बच्चों का भविष्य अब सवालों के घेरे में है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य:
मायके पक्ष की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए गए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
पुलिस का पक्ष और आगे की कार्रवाई:
थाना प्रभारी रवि चंदवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मायके पक्ष की ओर से हत्या का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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