रिपोर्टर: जेड ए खान
अलीगढ़ (Aligarh) में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा जारी एक पत्र ने शिक्षक समुदाय में हलचल मचा दी है। पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि अब शिक्षकों को स्कूल के आस-पास और अपने-अपने क्षेत्र में आवारा कुत्तों को चिन्हित करने और पकड़वाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों की बाउंड्री वॉल और गेट को सुरक्षित कराने की दिशा भी दी गई है। पत्र सामने आने के बाद शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष प्रशांत (Prashant) ने इसे लेकर आपत्ति जताई है।
शिक्षकों की नई जिम्मेदारियां:
पत्र के अनुसार, अब शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाने तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आवारा कुत्तों की गतिविधियों की निगरानी और प्रभावित स्थलों की पहचान में भी लगे रहेंगे। शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूलों के आस-पास बच्चों की सुरक्षा पूरी तरह से बनी रहे। शिक्षक इस नई जिम्मेदारी को लेकर हैरान हैं, क्योंकि पहले से ही वे बीएलओ (BLO) और SIR कार्य में शामिल हैं।
विद्यालय परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना:
शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने विकास खंड और नगर निगम क्षेत्र में ऐसे स्कूलों को चिन्हित करें, जिनके आसपास आवारा कुत्तों की गतिविधि अधिक है। साथ ही, संबंधित नगर निकाय और पशु कल्याण विभाग से समन्वय स्थापित कर इस संबंध में रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजें। इसका उद्देश्य शासन को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना है और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उत्तर प्रदेश शासन का निर्देश और कानूनी आधार:
उत्तर प्रदेश शासन (Uttar Pradesh Government) के निर्देशानुसार, उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में दाखिल जनहित याचिका के अनुपालन में शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की पहचान, रोकथाम और नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसी के तहत बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षकों की प्रतिक्रिया:
अलीगढ़ परिषदीय स्कूलों के शिक्षक इस नई जिम्मेदारी को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि बच्चों को पढ़ाने के अलावा उन्हें अब सड़कों पर घूमकर आवारा कुत्तों को चिन्हित करना और संबंधित विभाग के साथ समन्वय करना होगा। शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष प्रशांत ने कहा कि यह कार्य शिक्षकों की मूल जिम्मेदारी में शामिल नहीं है और इसे लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है।
BSA का पत्र और प्रक्रिया:
बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डा. राकेश कुमार सिंह (Dr. Rakesh Kumar Singh) ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि शिक्षकों को अपने क्षेत्र में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के आसपास आवारा कुत्तों के आतंक के प्रभावित स्थानों को चिन्हित करना होगा। इसके बाद संबंधित नगर निकाय और पशु कल्याण विभाग के साथ समन्वय कर जानकारी जिला मुख्यालय भेजी जाएगी।
संक्षेप में:
अलीगढ़ में अब शिक्षक न केवल बच्चों को पढ़ाएंगे बल्कि आवारा कुत्तों की गतिविधियों की निगरानी, स्कूल परिसरों की सुरक्षा और संबंधित विभागों के साथ समन्वय में भी लगे रहेंगे। इस कदम को शासन ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनहित याचिका के अनुपालन में उठाया है।
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