रिपोर्टर: जेड ए खान
अलीगढ़ (Aligarh) जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR – Special Intensive Revision) को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिले में शिक्षिका वर्षा चौधरी ने अपने 2 साल के बच्चे को साथ लेकर एसआईआर का काम सबसे पहले पूरा किया, जिससे प्रशासन और आम लोगों की खूब सराहना हो रही है। वहीं, अभियान में लापरवाही बरतने वाले 6-7 बीएलओ और सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया गया है और अन्य के वेतन रोके गए हैं।
शिक्षिका वर्षा चौधरी का अनुकरणीय प्रयास:
अलीगढ़ के खैर विधानसभा क्षेत्र से वर्षा चौधरी ने अपने छोटे बच्चे के साथ बिना किसी बाधा के एसआईआर का कार्य संपन्न किया। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि इस तरह का समर्पण और जज्बा ही अभियान की सफलता सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि वर्षा चौधरी जैसे अधिकारी और कर्मचारी अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई:
जिलाधिकारी संजीव रंजन ने स्पष्ट किया कि एसआईआर अभियान का प्रोग्रेस जिले में अच्छा चल रहा है, लेकिन कुछ बीएलओ और सुपरवाइजर ने काम में लापरवाही दिखाई। ऐसे 10 से 12 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसमें 6-7 को निलंबित किया गया और अन्य का वेतन रोका गया। उन्होंने यह भी बताया कि जिन्होंने कम समय में अपना काम पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ किया, उन्हें जिला प्रशासन पुरस्कृत करेगा।
प्रशासन की समीक्षा और निगरानी:
जिलाधिकारी ने बताया कि एसआईआर का लगभग 25 प्रतिशत कार्य पूरे जिले में अब तक संपन्न हो चुका है। सभी बीएलओ और सुपरवाइजर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्षा चौधरी जैसे समर्पित अधिकारी अभियान की सफलता का उदाहरण हैं।
भविष्य की दिशा:
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभियान में अनुशासन, समयपालन और कार्य की गुणवत्ता को सर्वोपरि रखा जाएगा। जिन लोगों ने सही ढंग से काम किया, उनका सम्मान किया जाएगा और लापरवाही करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त रहेगा।
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