February 23, 2026

अलीगढ़: साइबर ठगी में शामिल दो जनसुविधा केंद्र संचालक गिरफ्तार!

रिपोर्टर: जेड ए खान

अलीगढ़ (Aligarh) पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले का खुलासा करते हुए दो जनसुविधा केंद्र संचालकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये संचालक फर्जी बैंक खाते खोलकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल लोगों से ठगी की वारदातों को अंजाम देने में किया जाता था। मामले की जांच 19 जनवरी 2026 को दर्ज एक शिकायत के बाद शुरू हुई, जिसमें एक व्यक्ति के खाते से 40 हजार रुपये की धोखाधड़ी की बात सामने आई थी।

एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत से खुलासा:
महुआ खेड़ा थाना (Mahua Kheda Police Station) क्षेत्र के एक व्यक्ति ने एनसीआरपी पोर्टल (NCRP Portal) पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके बैंक खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी एकता सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार, साइबर सेल उपनिरीक्षक राहुल चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ने जांच शुरू की।

जांच में सामने आया बैंक खाता:
पुलिस जांच में पता चला कि ठगी की गई रकम अकराबाद निवासी पीयूष कुमार पुत्र राकेश कुमार के एनएसडीएल बैंक खाते संख्या 501057719860 में स्थानांतरित की गई थी। जब पीयूष कुमार से पूछताछ की गई तो उसने ऐसे किसी खाते की जानकारी होने से इनकार किया। उसने बताया कि वह अकराबाद की टावर गली में स्थित प्रशांत पुत्र हरिचरन के जनसेवा केंद्र पर एमएसएमई बनवाने गया था।

जनसुविधा केंद्र संचालकों की भूमिका:
पुलिस ने प्रशांत के जनसुविधा केंद्र पर पहुंचकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान प्रशांत ने अपने सहयोगी पवन कुमार पुत्र मनोज कुमार के साथ मिलकर फर्जी खाते खोलने में भूमिका स्वीकार की। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ की।

मुख्य आरोपी का नाम आया सामने:
पूछताछ के दौरान साइबर ठगी के मुख्य आरोपी सचिन उर्फ सुमित पुत्र प्रकाश चंद्र निवासी केलनपुर, अकराबाद का नाम सामने आया। आरोप है कि गिरफ्तार संचालकों ने क्षेत्र के कई लोगों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलकर उन्हें सचिन उर्फ सुमित को सौंपा, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जाता था।

धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा:
पुलिस ने दोनों जनसुविधा केंद्र संचालकों के खिलाफ मुकदमा संख्या 49/2026 दर्ज किया है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 338/336(3), 304(2), 61(2) तथा आईटी एक्ट (IT Act) की धारा 66(डी) के तहत पंजीकृत किया गया है। बताया गया है कि प्रशांत के खिलाफ अकराबाद थाने में पहले से धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है।

बरामद हुए उपकरण और दस्तावेज:
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 लैपटॉप, 4 बायोमेट्रिक मशीनें, 3 मोबाइल फोन तथा कई कूटरचित आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद किए हैं।

फरार आरोपी की तलाश जारी:
क्षेत्राधिकारी बरला गर्वित सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर साइबर ठगी गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी सचिन उर्फ सुमित फिलहाल फरार है और उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

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