रिपोर्ट: जेड ए खान
Aligarh: अलीगढ़ जिले के ब्लॉक अकराबाद (Akrabad) क्षेत्र के गांव आमामदापुर (Amamadapur) में मनरेगा (MNREGA) घोटाले की शिकायत पर जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों की मौजूदगी में हंगामे की स्थिति बन गई। जांच के दौरान ग्राम प्रधान और शिकायतकर्ता के बीच नोंकझोंक हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी जांच में जुटे रहे और ग्राम पंचायत के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया।
शिकायत पर पहुंचे अधिकारी:
गांव आमामदापुर में मनरेगा घोटाले की शिकायत प्राप्त होने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे। आदेशों के पालन में जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे और संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू की। इस दौरान ग्राम पंचायत में कई अनियमितताएं सामने आने की बात कही जा रही है।
ग्राम प्रधान और शिकायतकर्ता में नोंकझोंक:
जांच के दौरान ग्राम प्रधान और शिकायतकर्ता के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। जांच अधिकारी मामले को शांत कराने में लगे रहे, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो। इस घटना से जांच स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पंचायत सचिव जवाब देने में असमर्थ:
जांच टीम द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देने में पंचायत सचिव असमर्थ नजर आए। कई दस्तावेजों और कार्यों के बारे में जानकारी मांगने पर सचिव संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। इस पर जांच अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कार्य रजिस्टर न दिखाने पर नाराजगी:
जांच अधिकारियों ने पंचायत सचिव से कार्य रजिस्टर मांगा, लेकिन सचिव उसे प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर अधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि बिना रजिस्टर के जांच प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती। जांच टीम ने इस लापरवाही को गंभीर माना और आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी।
जांच के बाद शिकायतकर्ता हुआ संतुष्ट:
हालांकि जांच के दौरान तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, लेकिन अधिकारियों ने सभी पक्षों से जानकारी लेकर मामले की विस्तृत जांच की। शिकायतकर्ता को जांच प्रक्रिया से संतुष्टि मिली और उसने अधिकारियों के कार्य को उचित बताया। जांच टीम ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की रिपोर्ट जल्द ही संबंधित विभाग को भेजी जाएगी।
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