कन्नौज (Kannauj) में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब उनके निजी सहायक आशीष यादव (Ashish Yadav) ने एक यूट्यूबर का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया। यूट्यूबर मोबाइल पर देखकर सवाल पूछ रहा था। इसी दौरान आशीष यादव की नजर इस बात पर पड़ी कि यूट्यूबर को कोई अन्य व्यक्ति व्हाट्सएप के जरिए सवाल भेज रहा है।
यूट्यूबर का मोबाइल लेकर पूछताछ:
जानकारी के अनुसार, आशीष यादव ने यूट्यूबर के मोबाइल में आए व्हाट्सएप सवालों की तस्वीर ली और उसे अखिलेश यादव को दिखाया। सवालों को देखने के बाद अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि ये सवाल कहां से आ रहे हैं और क्या यह भाजपा (BJP) से जुड़े हुए हैं। यह कहते हुए वह मुस्कुराते नजर आए। इस दौरान वहां मौजूद लोग भी प्रतिक्रिया देने लगे।
पत्रकारों के नाम पूछने पर नारेबाजी:
घटना के बाद अखिलेश यादव ने वहां मौजूद पत्रकारों से एक-एक कर उनके नाम पूछे। उन्होंने कहा कि नाम पूछने का उद्देश्य यह जानना होता है कि संबंधित व्यक्ति को विषय की जानकारी है या नहीं। इसके बाद मौके पर मौजूद समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे कुछ देर के लिए माहौल राजनीतिक रूप से गर्म हो गया।
क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया:
कन्नौज (Kannauj) दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने एक क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन भी किया। उन्होंने मैदान में उतरकर बल्लेबाजी और गेंदबाजी की। इस दौरान उन्होंने फिल्म घूसखोर पंडित और एसआईआर जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार नई पीढ़ी को उलझाने का काम कर रही है, क्योंकि वह न तो नौकरी दे पा रही है और न ही रोजगार।
भाजपा पर साधा निशाना:
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा से सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। राजनीति में बहुत कुछ होता है। उन्होंने कहा कि ओटीटी पर जिन लोगों ने फिल्म को अनुमति दी, वही लोग बाद में मुकदमा भी करवा रहे हैं। फिल्म के पक्ष में बोलने या न बोलने, दोनों स्थितियों में लोगों को उलझाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बनने वाली फिल्मों में लगा पैसा भी भाजपा से जुड़े लोगों का हो सकता है।
अमेरिका के टैरिफ पर प्रतिक्रिया:
अमेरिका (America) के टैरिफ से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि अब देश के लोग अमेरिका का खाना खाएंगे, अमेरिका के कपड़े पहनेंगे और उसी का गुणगान करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि स्वदेशी अपनाओ का नारा देने वाले लोग अब कहां हैं।
नई पीढ़ी और रोजगार का मुद्दा:
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लोग नई पीढ़ी से घबराए हुए हैं। सरकार रोजगार और नौकरी देने में असफल रही है, इसलिए युवाओं को अन्य मुद्दों में उलझाया जा रहा है। उन्होंने लखनऊ (Lucknow) में फर्जी हस्ताक्षर के जरिए वोट कटवाने का आरोप भी दोहराया और कहा कि जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति के नाम से हस्ताक्षर किए गए, उसे हस्ताक्षर करना आता ही नहीं।
श्रद्धांजलि और सामाजिक कार्यक्रम:
कन्नौज (Kannauj) दौरे के दौरान अखिलेश यादव कई सामाजिक कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। तिर्वा (Tirwa) में दिवंगत परमानंद तिवारी के आवास पर पहुंचकर उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। इसके बाद वह महिला नेत्री संगीत पांडेय के दिवंगत पुत्र प्रथम पांडेय को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
उन्होंने अबंतीबाई नगर मोहल्ला में जयकरन यादव के घर जाकर पुत्र शोक पर सांत्वना दी। सपा नेता अंशुल यादव के पिता के निधन पर भी वह उनके घर पहुंचे। इसके अलावा आनंद कठेरिया और अबीर अली के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। अंत में अखिलेश यादव होटल बीके ग्रांड (Hotel BK Grand) पहुंचे, जहां उन्होंने इत्र कारोबारी राम दीक्षित के बेटे विशाल के विवाह समारोह में शिरकत की और वर-वधु को शुभकामनाएं दीं।
संभल के स्कूल का मामला:
इस बीच संभल (Sambhal) के एक सरकारी स्कूल से जुड़ा मामला भी सामने आया, जहां महापुरुषों की तस्वीरें हटाकर दीवारों पर कुरान की आयतें लगाए जाने की बात कही गई। जानकारी मिलने के बाद बजरंग दल (Bajrang Dal) और विहिप (VHP) से जुड़े कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए नारेबाजी की। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बनी रही।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
tags:
#AkhileshYadav #Kannauj #SamajwadiParty #BJP #PoliticalControversy #UPPolitics