फतेहपुर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Uttar Pradesh Congress Committee) के अध्यक्ष अजय राय को उस समय रोक लिया गया जब वे फतेहपुर में एक दलित परिवार से मिलने और आर्थिक सहायता देने जा रहे थे। बताया गया कि कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में सांसद राकेश राठौर और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी शामिल थे। सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया।
फतेहपुर में दलित परिवार से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता:
कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय फतेहपुर में उस दलित परिवार से मिलने जा रहे थे, जिसके सदस्य हरिओम की हत्या की गई थी। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की थी। लेकिन जैसे ही अजय राय और उनके साथ आए नेताओं का काफिला जिले की सीमा पर पहुंचा, पुलिस ने उन्हें रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
पुलिस कार्रवाई पर अजय राय का तीखा बयान:
अजय राय ने पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party – BJP) दलितों से नफरत करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हमें पीड़ित परिवार से मिलने और उन्हें आर्थिक सहायता देने से भी रोक रही है। अजय राय ने इसे लोकतंत्र और मानवता पर हमला बताते हुए कहा कि दलितों के अधिकारों की आवाज उठाने वालों को प्रशासन दबाने का प्रयास कर रहा है।
भाजपा पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप:
अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता अब खुलकर सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि हरिओम की हत्या भाजपा समर्थकों ने केवल इसलिए की क्योंकि वह दलित समाज से था। अजय राय ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक परिवार पर अत्याचार नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज के सम्मान पर हमला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर हाल में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय की लड़ाई जारी रखेगी।
कांग्रेस का आरोप—दलितों की आवाज दबा रही है सरकार:
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब कोई राजनीतिक दल पीड़ित वर्ग के पक्ष में आवाज उठाता है, तो उसे पुलिस बल के सहारे रोका जाता है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार यह दिखाना चाहती है कि दलितों से जुड़े मुद्दे कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं बन सकें। लेकिन कांग्रेस ने साफ किया कि चाहे जितना दमन हो, पार्टी दलित समाज की आवाज बनकर खड़ी रहेगी।
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डिस्क्लेमर:
यह खबर स्थानीय संवादाता द्वारा दी गई सूचना पर आधारित है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्थानीय संवादाता की है।
दलित परिवार से मिलने जा रहे अजय राय को पुलिस ने रोका