Video: हो गयी शपथ! फिर सांसद अफजाल ने किसके सामने झुकाया सर ?

  • जिस संविधान से यह देश चलता है,
  • जिस संविधान की कसम हर एक जनप्रतिनिधि खाता है,
  • जो संविधान हमारे देश को एक मजबूत लोकतंत्र बनाता है,
  • जिस संविधान का आधार बनाकर विपक्ष अपना सीट बढ़ाता है,
  • जिस संविधान के मुद्दे पर 24 का रण रचा जाता है,
  • उसी संविधान ने कानूनी चुनौतियों से जूझ रहे एक जनप्रतिनिधि को लोकसभा तक पहुंचाया,
  • शपथ के पथ से दूर होने की चर्चा हुई
  • तो उसी संविधान ने लोकसभा की शपथ भी दिलवाई।
https://www.counters-free.net/count/fws1
freevisitorcounters’s Website https://whomania.com/ctr?id=89131411cad785faf3ae8a3dc9d9e625031a6e51

भारत के संविधान का आर्टिकल 99, जो आधार बना अफजाल अंसारी के शपथ का।

19 मई 1949 को संविधान के प्रारूप 1948 (अनुच्छेद 81) पर चर्चा की गई । इसके अनुसार संसद के सदस्यों को अपना पद ग्रहण करने से पहले शपथ लेनी आवश्यक थी। एक सदस्य ने एक संशोधन पेश किया जिसके अनुसार राष्ट्रपति के बजाय ‘प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष या राज्य परिषद के अध्यक्ष’ के समक्ष शपथ दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रपति को ‘सदन के विशुद्ध रूप से आंतरिक मामले’ से बाहर रखा जाना चाहिए। प्रारूप समिति के अध्यक्ष ने इस संशोधन के खिलाफ तर्क दिया । चुनाव जीतने के बाद कोई उम्मीदवार स्वतः ही संसद का सदस्य नहीं बन जाता। उसे शपथ लेने सहित अन्य योग्यताएं पूरी करनी होंगी। इसलिए सभी उम्मीदवारों के शपथ लेने के बाद ही वे सदन के सदस्य बनेंगे और अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। इसलिए शपथ समारोह को सुविधाजनक बनाने के लिए अध्यक्ष के अलावा किसी और की आवश्यकता थी। विधानसभा के अध्यक्ष ने उन सदस्यों के बारे में पूछा जो उपचुनाव के बाद सत्र के बीच में शामिल होंगे। वह जानना चाहते थे कि ऐसे सदस्य किसके समक्ष शपथ लेंगे। प्रारूप समिति के अध्यक्ष ने कहा कि सदन द्वारा अध्यक्ष चुने जाने के बाद, राष्ट्रपति आदेश द्वारा अध्यक्ष को शपथ दिलाने का अपना अधिकार प्रदान करेंगे। मसौदा समिति के अध्यक्ष ने एक और संशोधन पेश किया । उन्होंने ‘घोषणा’ के स्थान पर ‘शपथ या प्रतिज्ञान’ रखने की मांग की। इसके बाद 1999 में संविधान लागू हुआ और आर्टिकल 99 बन गया एक जनप्रतिनिधि के शपथ लेने का आधार।

जब 18वीं लोकसभा में चुने गए सभी सदस्य नए संसद पहुंचते हैं और उनका शपथ होता है तो गाजीपुर की जनता को इंतजार था कि अब अफजाल अंसारी भी शपथ लेंगे लेकिन यह इंतजार इंतजार बनकर ही रह गया समर्थकों ने आस लगायी थी लेकिन अफजाल अंसारी को शपथ लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। इस खबर के बाद कई तरह के कयास लगाए जाने लगे, कहा जाने लगा कि Afzal Ansari के खिलाफ जो मुकदमा चल रहा है उस मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया है उसी आदेश के अनुसार अफजाल अंसारी लोकसभा के कार्रवाई में शामिल नहीं हो सकते हैं और शपथ लेना भी लोकसभा के कार्रवाई का हिस्सा है इसीलिए अफजाल अंसारी ने शपथ नहीं लिया।

लेकिन अफजाल अंसारी के समर्थकों का इंतजार खत्म हो गया और वह वक्त आ गया जब अफजाल अंसारी ने लोकसभा में अपनी सदस्यता की शपथ ली. जब इस बाबत अफजाल अंसारी से बात किया गया तो उन्होंने इसका आधार आर्टिकल 99 बताया।

वही मोहम्मदाबाद से विधायक शोएब उर्फ Mannu Ansari ने X पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी साझा की. उन्होंने कहा की छुट्टियों और व्यस्तता की वजह से अफजाल अंसारी का शपथ नहीं हो सका था अब जब उन्हें आमंत्रित किया गया है तो उनका शपथ हुआ है।

Afzal Ansari ने किया स्व. MUlayam Singh Yadav को पुष्पांजलि अर्पित

मोहम्दाबाद के विधायक शोएब उर्फ़ मन्नू अंसारी ने X पर पोस्ट कर बताया कि शपथ लेने के बाद Ghazipur के सांसद अफजाल अंसारी ने सैफई जाकर स्व. मुलायम सिंह यादव को पुष्पांजलि अर्पित किया.

लोकसभा चुनाव के दौरान इंडिया गठबंधन ने संविधान का मुद्दा बनाया था। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सिम कम हुई तो भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेताओं का बयान भी सामने आया कि विपक्ष के संविधान वाले मुद्दे की वजह से उत्तर प्रदेश की सिम कम हुई अब एक बार यही संविधान औजार अंसारी के लिए भी आधार बन गया आधार इसलिए बन गया और यह चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि अफजाल अंसारी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो और कहा गया कि अफजल अंसारी जी मुकदमे में फंसे हुए हैं उसे मुकदमे की वजह से उनके शपथ नहीं हो रहा लेकिन इन सभी चर्चाओं पर अब विराम लग चुका है और अफजाल अंसारी ने लोकसभा की सदस्यता ले ली लोकसभा में शपथ ले लिया।

Related Post

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading