माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा दूर करेगी वित्तविहीन शिक्षकों की समस्या ?

सकलडीहा (चंदौली )। संसार में ऐसी कोई भी वस्तु नहीं जो प्रयास करने के बावजूद भी किसी को ना मिला हो। उक्त बातें माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को क्षेत्र के बढ़वलडीह गांव के समीप स्थित यमुना देवी महाविद्यालय परिसर मे वित्तविहीन शिक्षक एवं कर्मचारियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि बुद्धिजीवी समाज का अग्रणी कहे जाने वाला माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक एवं कर्मचारी 21वीं सदी में प्रवेश कर चुका है, बावजूद अभी अपने नेतृत्वकर्ता का सही पहचान नहीं कर सका, यही कारण है कि अपने अधिकार से यह समाज हमेशा की तरह आज भी वंचित होता रहा है। यह बात आज इस समाज के लिए चिंतन का विषय बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि यह सच है कि आजादी के बाद से अब तक प्रदेश में अनेक सरकार आई और गई परंतु किसी ने वित्तविहीन शिक्षकों के मौलिक अधिकार पर ध्यान नहीं दिया जब कि संविधान ने इन्हें ऐसा ताकत दिया है कि ये अपना एमएलसी बनाकर अपनी समस्याएं दूर कर सकते हैं, परंतु आज तक हम लोग सही एमएलसी का चयन नहीं कर सके. जिससे सरकार भी इस समाज का आज तक सुध नहीं लिया, जिससे आज भी यह समस्या वित्तविहीन शिक्षक के लिए कोढ़ साबित हो रही है, इसलिए कि हम सभी अच्छे नेता का पहचान नहीं कर सके, जो कि हमारा नेतृत्व करें।

उन्होंने आगे कहा कि इस दौर में ऐसे वोट कटवा नेताओं की जरूरत नहीं है जो वित्तविहीन शिक्षकों और कर्मचारियों के अधिकारों को हमसे छीन कर किसी ऐसे कंधों पर रख दे जो वित्तविहीन शिक्षकों का हक और अधिकार का फायदा दूसरों का फायदा दूसरो को दिलाता रहे। अब जरूरत है अपने हितों के प्रति सभी को संवेदनशील बने रहने की, इसलिए किसी भी शिक्षक नेता के भूत भविष्य वर्तमान को बखूबी जाने और पहचाने तभी उसका विश्वास करें।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में किसी की भी सरकार रही हो, माध्यमिक वित्तविहीन कर्मचारियों के लिए उसका कार्यकाल काला दिवस के रूप मे ही साबित हुआ, जो सदैव उदासीन बना रहा। किसी भी पार्टी की ओर से एक सूत्रीय कार्यक्रम के तहत अब तक वित्तविहीन साथियों के लिए कार्य नहीं किया जिससे कि हमारा अधिकार मिल सके । इसके पूर्व कि अब तक शिक्षक नेताओं द्वारा चलती फिरती भाषाओं मे ही बातें करते देखा गया है कि वर्तमान सरकार को माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों एवं कर्मचारियों के ऊपर भी ध्यान देना चाहिए? परंतु विडंबना यह है कि गंभीरतापूर्वक इसे किसी ने नहीं लिया। अब जरूरत है सभी को एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़ने की जिसके लिए सभी को तैयार हो जाना चाहिए, उन्होंने कहा कि हम संकल्पित रूप से वादा करते हैं कि वित्तविहीन कर्मचारियों की समस्याएं दूर करेंगे।

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