गाजीपुर | मंगलवार को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वाधान में महासभा के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव के चंदन नगर स्थित आवास पर महान तिकारी खुदीराम बोस की शहादत दिवस पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई ।
गोष्टी आरंभ होने के पूर्व महासभा के सभी कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की आजादी की रक्षा करने का संकल्प लिया ।महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने खुदीराम बोस के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि खुदीराम बोस आधुनिक भारत के पहले ऐसे क्रांतिकारी थे जो 17 साल की उम्र में ही देश की आजादी की खातिर फांसी के फंदे पर झूल गये, फांसी के फंदे पर झूलते वक्त उन्होंने अपने हाथों में गीता ले रखी खुदीराम बोस के बलिदान ने क्रांतिकारी आंदोलन को एक नया रूप दिया और उन से प्रभावित होकर गांव गांव से नौजवान देश की आजादी के लिए मर मिटने को तैयार होने लगे , उस समय अंग्रेजों की राजधानी कोलकाता थी लेकिन बंगाली कार्यकर्ता बंगाली क्रांतिकारियों से परेशान होकर अंग्रेजों ने 1911 में अपनी राजधानी दिल्ली में बना ली ।
इस गोष्ठी में जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव के साथ मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव,अजय कुमार श्रीवास्तव, संजय सेवराई, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, सत्य प्रकाश श्रीवास्तव , पीयूष श्रीवास्तव,अमर सिंह राठौर ,राजेश श्रीवास्तव, गोरख प्रसाद सिन्हा , अशोक कुमार श्रीवास्तव, सुनील दत्त श्रीवास्तव ,मोहनलाल ,अरुण सहाय आदि उपस्थित थे इस गोष्ठी का संचालन जिला सचिव शैल श्रीवास्तव ने किया।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने मनाया खुदीराम बोस का शहादत दिवस