अनदेखी भाजपा को पड़ेगी महंगी: कायस्थ महासभा…

गाजीपुर। शनिवार को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा गाजीपुर के तत्वाधान में जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में कायस्थ सम्मान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा शास्त्री नगर स्थित लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा स्थल से आरंभ होकर आमघाट गांधी पार्क स्थित महात्मा गांधी जी की प्रतिमा स्थल पर जाकर समाप्त हुई ।

सम्मान यात्रा शुरू होने के पूर्व सभी कायस्थ जनों ने शास्त्री जी की प्रतिमा पर और समाप्त होने पर गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया और सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और ईमानदारी का पालन करने तथा जुल्म और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने का संकल्प लिया। यात्रा आरंभ होने के पूर्व शास्त्री जी की प्रतिमा स्थल पर सभा आयोजित कर कायस्थ समाज की उपेक्षा का आरोप लगाकर महासभा के कार्यकर्ताओं ने हुंकार भरी और कहा कि वक्त आने पर कायस्थ समाज की उपेक्षा करने वाले राजनीतिक दलों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

बड़ी तादात में यात्रा में शामिल चित्रांश बन्धु “कायस्थ एकता जिंदाबाद”,”जो कायस्थ हित की बात करेगा , वहीं देश पर राज करेगा ।”, “लोकनायक जयप्रकाश का खानदान ,नहीं सहेगा अपना अपमान”, “रविशंकर प्रसाद को तत्काल बहाल करों’ ,”कायस्थ समाज की उपेक्षा बन्द करों”,”जो कायस्थ समाज का सम्मान करेगा,कायस्थ समाज उसका सम्मान करेगा”का नारा बुलंद करते हुए चल रहे थे । वह अपने हाथों में समाज के महापुरुषों की तस्वीरें और जय चित्रांश का झंडा भी लहरा रहे थे ।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महासभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के बाद से ही बतौर साजिश इस अमन पसन्द और राष्ट्रवादी समाज को राजनीतिक हाशिए पर ढकेलने और अपमानित करने की साज़िश हो रही हैं। अब कायस्थ समाज अपनी उपेक्षा और अपमान कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंनेे भाजपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कायस्थ समाज भाजपा का परम्परागत मतदाता माना जाता है, जिसके कारण दूसरे राजनीतिक दल भी हमें तवज्जो नहीं देते, इसके बावजूद भाजपा हमारी उपेक्षा और अपमानित करता आ रहा है, उत्तर प्रदेश में भाजपा ने लोकसभा के चुनाव में और न ही मेयर के चुनाव मे ही एक भी टिकट कायस्थ समाज को नही दिया। उत्तर प्रदेश से न ही राज्य सभा में और न ही विधान परिषद में कायस्थ समाज को प्रतिनिधित्व देने का काम किया। इसके अलावा कायस्थ समाज से किसी को राज्यपाल नही बनाया और तो और इस सरकार में महत्वपूर्ण प्रशासनिक ओहदों पर भी कायस्थ समाज के लोगों की तैनाती नहीं की जा रही है।

ग्लोबल कायस्थ कान्फ्रेंस के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा को कायस्थ समाज की अनदेखी काफी मंहगी साबित होगी। उन्होंने कायस्थ समाज की उपेक्षा करने वाले राजनीतिक दलों को 2022 के विधानसभा के चुनाव में सबक सिखाने का भी आह्वान किया और कहा कि जो राजनीतिक दल हमें अपने सरकार और संगठन में उचित भागीदारी देगा कायस्थ समाज उसका खुलकर समर्थन करने का काम करेगा।

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। चाहे जंगे आजादी रही हो चाहे सम्पूर्ण क्रान्ति का आन्दोलन, कायस्थ समाज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा अब खामोश रहने का वक्त नहीं , जरूरत है अपने हक हुकूक के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष करने की। हमारी खामोशी ही हमारा सबसे बड़ा गुनाह साबित हुई है। हमारी उदारता और सहनशीलता को राजनीतिक दल हमारी कमजोरी समझ बैठे हैं। उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज अब चुप बैठने वाला नहीं है अब वह मुखर होकर अपनी उपेक्षा करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने का काम करेगा ।

इस यात्रा में मुख्य रूप से ग्लोबल कायस्थ कान्फ्रेंस के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र श्रीवास्तव,विधान परिषद सदस्य के प्रतिनिधि पप्पू लाल श्रीवास्तव, चित्रगुप्त वंशीय सभा के सचिव अजय श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, परमानन्द श्रीवास्तव, राजेंद्र अस्थाना,पंकज श्रीवास्तव,कृष्ण कन्हैया श्रीवास्तव, अशोक कुमार श्रीवास्तव, चन्द्रप्रकाश श्रीवास्तव, शैल श्रीवास्तव,गौरव श्रीवास्तव, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार श्रीवास्तव,अमरनाथ श्रीवास्तव, विवेक श्रीवास्तव,प्रभात श्रीवास्तव,अमर सिंह राठौर, सन्तोष श्रीवास्तव, मोहनलाल श्रीवास्तव,अंकुर श्रीवास्तव,अरुण सहाय,गुलाब लाल, अवनीश वर्मा,अभय श्रीवास्तव,कमल प्रकाश श्रीवास्तव, नन्हें, विपुल, प्रकाश चन्द्र श्रीवास्तव,आनन्द प्रकाश श्रीवास्तव, वेदान्त श्रीवास्तव,प्रिंस, अंजनी श्रीवास्तव, रमेश श्रीवास्तव,शैलेश श्रीवास्तव, सतीश श्रीवास्तव,दयाशरण लाल, शुभम श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव,दीपक श्रीवास्तव आदि शामिल थे । इस कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने किया ।

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