Video:हमीरपुर: आपदा मित्रों की सरकार से गुहार, बीमा और न्यूनतम वेतन की मांग

हमीरपुर (Hamirpur) में उत्तर प्रदेश आपदा मित्र एसोसिएशन (Uttar Pradesh Aapda Mitra Association) के सदस्यों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा है। आपदा मित्रों का कहना है कि वे वर्ष 2018 से लगातार सरकार और प्रशासन के निर्देशों के तहत विभिन्न आपदाओं और सामाजिक कार्यक्रमों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक स्थायी व्यवस्था और पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे उनमें असंतोष देखा जा रहा है।

जिलाधिकारी को सौंपा गया मांग पत्र:
उत्तर प्रदेश आपदा मित्र एसोसिएशन (Uttar Pradesh Aapda Mitra Association) के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जिलाधिकारी (District Magistrate) को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। आपदा मित्रों ने बताया कि वे बीते कई वर्षों से प्रशासन के साथ मिलकर विभिन्न परिस्थितियों में सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के दौरान वे हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहकर कार्य करते हैं।

2018 से लगातार दे रहे सेवाएं:
आपदा मित्रों के अनुसार वर्ष 2018 से वे सरकार और राहत आयुक्त (Relief Commissioner) के निर्देशों के तहत कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और आपदा की परिस्थितियों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। इनमें बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं, कोरोना काल के दौरान राहत कार्य, छठ पूजा, माघ मेला और कुम्भ मेला जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी उन्होंने प्रशासन के साथ मिलकर अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनका कहना है कि इन सभी कार्यों में उन्होंने पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सहयोग किया है।

स्थायी रोजगार और सुविधाओं की मांग:
मांग पत्र के माध्यम से आपदा मित्रों ने सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें स्थायी रोजगार की व्यवस्था नहीं मिल पाई है। इसके साथ ही उन्होंने बीमा सुविधा को लागू करने की मांग की है। आपदा मित्रों का कहना है कि वर्तमान में 5 लाख रुपये के बीमा को लागू किया जाए और इस राशि को बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जाए, ताकि आपदा की स्थिति में कार्य करते समय किसी दुर्घटना की स्थिति में उनके परिवार को पर्याप्त सहायता मिल सके।

न्यूनतम वेतन और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग:
आपदा मित्रों ने सरकार से यह भी मांग की है कि उन्हें आपदा कर्मचारी घोषित किया जाए और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। इसके अलावा उन्होंने न्यूनतम वेतन 26 हजार 910 रुपये प्रतिमाह सुनिश्चित करने की मांग भी रखी है। उनका कहना है कि वे लगातार जोखिम भरे कार्यों में लगे रहते हैं, इसलिए उनके लिए उचित वेतन और सुरक्षा की व्यवस्था होना आवश्यक है।

प्रशिक्षण और कार्य दिवसों के भुगतान की मांग:
मांग पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रशिक्षण के दौरान और कार्य दिवसों के भुगतान को तुरंत सुनिश्चित किया जाए। आपदा मित्रों का कहना है कि कई बार प्रशिक्षण और कार्य के बाद भी भुगतान में देरी हो जाती है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था को नियमित और पारदर्शी बनाने की मांग की है।

मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी:
आपदा मित्रों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही ध्यान नहीं दिया गया तो वे आगे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि वे लंबे समय से प्रशासन के साथ मिलकर समाज और लोगों की सेवा कर रहे हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान होना जरूरी है।

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रिपोर्टर: मोहम्मद अकरम


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