देश आज अपना 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर हुई परेड में दुनिया ने भारत का शौर्य देखा। साथ ही विभिन्न राज्यों और मंत्रालयों की झांकी में देश की समृद्ध संस्कृति ने अभिभूत किया। इस बार का गणतंत्र दिवस कई मायनों में खास रहा। 100 से ज्यादा महिलाओं के बैंड ने परेड की शुरुआत की। वहीं परेड के दौरान भारत की नारी शक्ति ने देशवासियों को गर्व करने का मौका दिया।

गणतंत्र दिवस की परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ऐतिहासिक बग्घी से दिल्ली के कर्तव्य पथ पहुंचीं. शुक्रवार (26 जनवरी, 2024) को इस दौरान उनके साथ भारतीय सेना की घुड़सवारों की पलटन और बॉडीगार्ड्स भी थे. सबसे खास बात है कि इस बग्घी को इंडिया ने पाकिस्तान से कभी टॉस में जीता था.

1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उन्हीं के बॉडीगार्ड द्वारा गोली मारकर हत्या कर दिए जाने के बाद राष्ट्रपति की सुरक्षा का हवाला देकर बग्घी का इस्तेमाल बंद कर दिया गया था. 30 साल बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसे बीटिंग रिट्रीट में जाने के लिए इस्तेमाल किया था. उसके बाद शपथ ग्रहण के समय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी इस पर सवार हुए थे लेकिन गणतंत्र दिवस समारोह में जाने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया गया था. अब 40 सालों बाद एक बार फिर गणतंत्र दिवस समारोह में आने के लिए इस बग्घी की वापसी हुई.
हर बार की तरह ही इस बार के समारोह के लिए खास तैयारियां की गई थीं। इस समारोह के मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राजनाथ सिंह ने युद्ध स्मारक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहे।परेड में हिस्सा लेने के लिए इमैनुएल मैक्रों के साथ फ्रांस की 95 सदस्यीय मार्चिंग टीम और 33 सदस्यीय बैंड दल भी भारत आया।
