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एलजी सिन्हा संग पप्पू! गर्म हुई राजनीति…

गाज़ीपुर। एक राजनेता के लिए राजनीति और रणनीति एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं। परंतु इन से हटकर भी कुछ ऐसा होता है जो राजनीति और रणनीति की भावनाओं को खत्म कर देता है जी हां वह होता है संबंध। संबंध नकारात्मक राजनीति की परिभाषा नहीं जानता। संबंध व्यक्तित्व को सकारात्मक पहलू में ढालता है और ऐसे ही संबंध बनाने वाले नेताओं को ही जमीनी नेता कहते हैं। इन्ही में से एक हैं मनोज सिन्हा। जी हां जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा।

रिश्‍ता‍‍ निभाने में मशहूर जम्‍मू कश्‍मीर के उप राज्‍यपाल मनोज सिन्‍हा ने राजेश राय पप्पू के भतीजे हिमांशु राय के तिलकोत्‍सव में लंका मैदान में शिरकत कर इस बात को साबित कर दिया कि वह संबंध निभाने के लिए किसी भी स्‍तर पर जा सकते हैं।

अगर विरोध की बात हो तो वह विरोधियों का किसी भी स्‍तर पर विरोध करने में भी कोई कोताही नहीं करते हैं। लेकिन संबंध तो संबंध है जो राजनीति की परिभाषा को बदल देता है। शायद इसीलिए मनोज सिन्हा, राजेश राय पप्पू के भाई इंजी अरविंद राय के भतीजे को तिलकोत्सव में सारी बाधाएं तोड़कर पहुंच गए।

कभी समाजवादी पार्टी के साथ मजबूती से रहने वाले अरविंद राय ने पूरे जनपद में अपने स्‍वजातीय बंधुओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया। जिसके लिए उन्‍होने भांवरकोल ब्‍लाक के सहरमाडीह में किनवार कीर्ति स्‍तंभ की स्‍थापना समारोह में हजारों की तादात में अपने स्‍वजातीय भाइयों को इकट्ठा कर मनोज सिन्‍हा के नेतृत्‍व में एक नई राजनीतिक चेतना को जन्‍म दिया। इसके बाद से ही लगातार स्‍वजातीय बंधुओं के विकास के लिए अरविंद राय प्रयासरत रहे और धीरे-धीरे उप राज्‍यपाल मनोज सिन्‍हा से उनकी प्रगाढ़ता बढती गयी और राजेश राय पप्पू से उनकी नजदीकियों ने जनपद में एक नई चर्चा शुरू कर दी है।

इन संबंधों का ताजा उदाहरण है कि राजेश राय पप्पू के भतीजे हिमांशु राय के तिलकोत्‍सव में उप राज्‍यपाल मनोज सिन्‍हा ने लगभग दो घंटे तक उपस्थित रहकर सभी से हालचाल लिया जिसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों में बहुत तेजी से हो रही है कि एलजी साहब अपने अन्‍य नजदीकियों के वैवाहिक कार्यक्रम में न आकर राजेश राय पप्पू को प्राथमिकता दी है। यह रिश्‍ता कितना प्रगाढ़ है और इसका जिले की राजनीति में क्‍या प्रभाव पड़ेगा यह तो आने वाला समय बतायेगा।

वैसे इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के अलावा समाजवादी पार्टी की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली।

इस कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष रामधारी यादव और उपाध्यक्ष अहमर जमाल नज़र आएं। जिसकी चर्चा ने राजनीति को गर्म कर दिया, यही नहीं सपा से जमानियां विधायक व पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह, सदर विधानसभा के दावेदार रहे राजेश कुशवाहा, नारद राय और सपा के दिग्गज नेता अंबिका चौधरी के पुत्र व बलिया के जिला पंचायत अध्यक्ष आनद चौधरी की मौजूदगी देखने को मिली।

वहीं भाजपा से जसवंत सिंह, मंत्री मार्कण्डेय राय, सहकारिता चेयरमैन महंत सिंह, जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह और अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी भी देखने को मिली।

इस पूरे कार्यक्रम चर्चा राजेश राय पप्पू और मनोज सिन्हा के नजदीकियों को लेकर होती रही। ये महज संबंधों की मजबूती है या राजनीति की नई रणनीति? वैसे संबंधों को निभाने में मनोज सिन्हा हमेशा आगे रहते हैं और राजेश राय पप्पू भी इसी कदम पर निरंतर चल रहे हैं।

इस कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था भी चाकचौबंद रही। एसपी सिटी, सीओ सिटी, सीओ मोहम्दाबाद, सीओ जखनिया, सदर एसडीएम, मोहम्दाबाद एसडीएम और जखनिया एसडीएम मौजूद रहें।

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