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गाजीपुर : हमीद सेतु को लेकर बड़ा एक्शन ! हुआ क्या ?

मोरबी पुल हादसे में 140 लोगों की मौत हुई है। मीडिया इसकी जवाबदेही न जाने कहाँ कहाँ डाल रहा है। क्या पता लोग भी मान लें कि मरने वाले अपनी गलती से मरें, पुल की ग़लती नहीं थी। अच्छी बात है कि आप सभी का बौद्धिक और राजनीतिक स्तर ऐसा हो गया है कि इसमें भी ग़लत नहीं लगेगा। झूठ की परतें खुद उतरती हैं मगर उसकी क़ीमत बहुत बड़ी हो जाती है। इतने लोगों की मौत के बाद इस तरह का तमाशा करने का भरोसा बहुत कम पत्रकारों में होता है, तभी होता है जब जनता का अस्तित्व मिट चुका होता है। मौत को लेकर डिबेट चल रहे हैं राजनितिक दल एक दुसरे के ऊपर आरोप लगा रहे हैं और ये गंभीर तस्वीर अब गंभीर मनोरंजन में तब्दील हो रही है. देश को गुमराह कर ये अपनों के भविष्य में क्या लिख रहे हैं इन्हें खुद ही इनका आभाष नहीं.

गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक करीब 135 लोगों की मौत हो चुकी है। इस हादसे पर देश-विदेश के नेताओं ने दुख जताया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मोरबी जाकर स्थिति का जायजा लिया। इससे पहले उन्होंने कल अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की थी। इस घटना की गंभीरता को जिस तरह प्रधानमंत्री समझ रहे हैं क्या कोई और है जो इसे समझे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ मोरबी हादसे में घायलों से मिलने के लिए मोरबी के सिविल अस्पताल का दौरा करने पहुंचे और उन्होंने राहत और बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों से भी मुलाकात की।

ये हादसा कोई आम हादसा नहीं था. इस हादसे ने देश को झंकझोर दिया. जानकारी के अनुसार इस हादसे में मरने वाले ज्यादातर 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे थे. गुजरात आपदा प्रबंधन मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक मृतक के परिवारों को 4 लाख रुपये और पीएमएनआरएफ से प्रत्येक को दो लाख रुपये, प्रत्येक घायल को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। 17 लोग अस्पताल में भर्ती हैं जबकि दो लोग लापता हैं।

लेकिन क्या इस हादसे से अन्य जगहों के लोगों ने कोई सुध ली. उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर में गंगा के ऊपर एक ब्रिज बना हुआ है. जिसका नाम वीर अब्दुल हमीद सेतु है. ये ब्रिज शहर को जमनिया विधानसभा से जोड़ता है और बिहार राज्य जाने के लिए इसी ब्रिज का इस्तेमाल होता है. ओवरलोड वाहनों की वजह से ये ब्रिज कई बार छतिग्रस्त हुआ. कई बार वाहनों की आवजाही रोकी गई और फिर शुरू भी की गई. लेकिन क्या वाकई ओवरलोड वाहनों की आवाजाही बंद हुई. ओवरलोड वाहन मालिक अधिकारिओं कीआँखों में धुल झोंकते हैं, छोटे अधिकारी बड़े अधिकारीयों के और बड़े अधिकारी मीडिया के और मीडिया जनता के आँखों में. लेकिन समाधान शून्य है, शायद बड़े हादसे का इन्तेजार हो.

इधर इस घटना से सबक लेते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सोमवार को राज्य के सभी पुलों के निरीक्षण के आदेश दे दिए हैं. उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक चिट्ठी जारी कर राज्य के सभी पुलों की तत्कार निरीक्षण कर इसकी सूचना विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं. चिट्ठी में कहा है कि गुजरात जैसे हादसे की पुनरावृत्ति न होने इसके लिए सभी प्रकार के पुलों की सेफ्टी सुनिश्चित किए जाने के लिए आज ही यानि सोमवार को ही तत्काल निरीक्षण कर इसकी सूचना उपलब्ध कराएं. अब अधिकारीयों क्या रिपोर्ट सौंपी इसका पता नहीं. ये जरुर है कि सोमवार को कुछ अधिकारी रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम में साफ़ स्थान पर गिरे चाँद पानी के बोतले की सफाई करते जरुर नज़र आये.

वैसे गाजीपुर में पूर्व सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री और जम्मू कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा के प्रयासों से हमीद सेतु के बगल में रोड कम रेल ब्रिज बन रहा है, रफ़्तार धीमी है लेकिन काम चल रहा है. इधर सोमवार को मनोज सिन्हा गाजीपुर स्थित अपने गाँव मोहनपुरवा पहुंचे. एलजी मनोज सिन्हा के पैतृक घर मे मंगलवार से भागवत कथा कार्यक्रम शुरू हुआ।जिसमें एलजी मनोज सिन्हा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मौजूद रहे।इस दौरान एलजी मनोज सिन्हा रीति रिवाज और परम्परा के मुताबिक धार्मिक कार्यक्रम में शिरकत करते नजर आए।

 

 

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