कश्मीर घाटी में बड़े पर्दे पर फिल्म देखने का इंतजार अब खत्म हो गया है। श्रीनगर के सोनमर्ग में मंगलवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल का उद्घाटन किया। कश्मीर के पहले मल्टीप्लेक्स में 520 सीटों की कुल क्षमता वाले तीन सिनेमाघर होंगे। स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिसर में एक फूड कोर्ट भी होगा।

कश्मीर में सिनेमा हॉल बंद हो जाने की वजह से कुछ समय पहले तक कई युवा ऐसे भी हैं जिनको पता भी नहीं है कि सिनेमा हॉल कैसा होता है और मल्टीप्लेक्स क्या है। हालांकि, यहां के युवाओं को 300 किमी दूर जम्मू आकर फिल्म देखने के अपने सपने को पूरा करना पड़ता था। घाटी के युवा जो बाहर पढ़ रहे थे या फिर रोजी-रोजगार के सिलसिले में निकले थे, वे ही रुपहले पर्दे का आनंद ले पाए, अन्यथा घर पर टीवी और सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये ही वे अपने शौक पूरे करने को मजबूर थे।

कश्मीर में 1990 में आतंकी संगठनों की धमकियों और हमलों के कारण सभी सिनेमा हॉल बंद हो गए थे। जानकार बताते हैं कि आतंकवाद के दौर में घाटी में एक-एक कर 19 सिनेमा हॉल बंद हो गए थे। इनमें अकेले नौ सिनेमा हॉल – रीगल, पैलेडियम, खयाम, फिरदौस, शाह, नाज, नीलम, शिराज व ब्रॉडवे श्रीनगर में थे। लाल चौक के पास पैलेडियम और उससे कुछ दूरी पर नीलम सिनेमा हॉल थे, जहां काफी भीड़ होती थी। आतंकी संगठनों की धमकियों और हमलों के कारण ये बंद होते गए।

पीएम मोदी की मजबूत नीति और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था। शायद यही वजह है कि आज तीन दशक बाद कश्मीर में सिनेमा घर लौट आए हैं।

मल्टीप्लेक्स का उद्घाटन करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि वे दिवंगत अभिनेता शम्मी कपूर को इस अवसर पर श्रद्धांजलि देते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि विज्ञान अगर खोज है, तो कला उसकी अभिव्यक्ति है। जिन्हें लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने इसके विपरीत किया, लेकिन अब समय बदल रहा है।

Leave a Reply

error: Content is protected !!