क्या शेयर बाज़ार जानते हैं? शेयर बाज़ार में यदि समझदारी से निवेश किया जाए तो अच्छा रिटर्न मिल जाता है. लेकिन ये खबर शेयर खरीदने और बेचने की जानकारी देने के लिए नहीं है. ये खबर एक टीवी एंकर से सम्बंधित है. जी हाँ एक टीवी एंकर पर रोक लगा दिया गया था कि वो शेयर, बॉन्ड, डिबेंचर, म्यूचुअल फ़ंड इत्यादि जो प्रतिभूति बाज़ार में आता है को खरीद या बेच नहीं सकता. रोक केवल एंकर पर ही नहीं परिवार पर भी था, लेकिन ये रोक अब हटा दी गई है.

तो आइये जानते हैं की वो एंकर कौन है और रोक क्यों लगी?

प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने सेबी द्वारा बिजनस चैनल ‘सीएनबीसी आवाज’ के पूर्व एंकर हेमंत घई और उनके परिवार पर प्रतिभूति बाजार में कारोबार पर लगाई गई रोक हटा दी है।

आरोप और जांच, इनके बिच एक लम्बी रेखा होती है. बात जनवरी 2021 है जब पूंजी बाजार के नियामक सेबी (Securities and Exchange Board of India) ने अपने अंतरिम आदेश में कहा था कि हेमंत घई के पास अपने कार्यक्रम ”स्टॉक 20-20” के दौरान की जाने वाली सिफारिशों के बारे में पहले से जानकारी थी। उन्होंने अपने लाभ के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनका इस्तेमाल किया। घई इस कार्यक्रम के को-होस्ट (Co-Host) थे। कार्यक्रम में दिन के दौरान वह खरीदे और बेचे जाने वाले कुछ शेयरों को लेकर सिफारिशें देते थे।

सेबी ने कहा था कि उनकी पत्नी जया हेमंत घई और मां श्याम मोहिनी घई ने कार्यक्रम में की गयी सिफारिशों के अनुरूप जनवरी 2019 से मई 2020 के बीच बड़ी संख्या में बाय-टुडे-सेल-टुमॉरो (BTST) ट्रेड के तहत शेयर खरीदे और बेचे थे। बीटीएसटी का संबंध किसी कंपनी का शेयर किसी एक दिन खरीदना और उसे अगले ही दिन बेच देने से है। इस तरह के कारोबार से शेयर खरीदारों को शेयरों के अल्पकालीन बढ़त-नुकसान का फायदा होता है। इस तरह इन लोगों ने सिफारिश किए गए शेयरों की खरीद-बिक्री से 2,95,18,680 रुपये की आय अर्जित की।

बात फ़रवरी 2022 की है सेबी ने एक आदेश के जरिए घई, उनकी पत्नी और उनकी मां से 3.9 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को जब्त कर लिया था। विस्तृत जांच से पता चला कि उनके द्वारा कथित तौर पर कुल 6.15 करोड़ रुपये का गलत लाभ कमाया गया था। पूंजी बाजार नियामक ने हालांकि जनवरी 2021 में एक अंतरिम आदेश जारी कर घई, उनकी पत्नी और उनकी मां से 2.95 करोड़ रुपये पहले ही जब्त कर लिए थे। साथ ही उन्हें धोखाधड़ी वाले व्यापारिक व्यवहारों में लिप्त होने के लिए पूंजी बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था।

सेबी ने पहले 2.95 करोड़ रुपये जब्त किये और 3.9 करोड़ रुपये और जब्त कर लिया. लेकिन प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने सेबी को झटका दे दिया. बात 30 मार्च 2022 की है प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने समाचार चैनल सीएनबीसी आवाज के पूर्व एंकर हेमंत घई और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बॉर्ड (सेबी) के आदेश को निरस्त कर दिया.

इसी संबंध में सैट ने सेबी के आदेश को ख़ारिज करते हुए कहा, ‘‘तीन फरवरी, 2022 के आक्षेपित आदेश को निम्नलिखित कारणों से कायम नहीं रखा जा सकता: 3,90,67,921 रुपये की अतिरिक्त राशि गैरकानूनी लाभ क्यों है, इसका कोई कारण नहीं बताया गया है। इस बात की कोई चर्चा नहीं है कि उक्त आंकड़ा कहां से आया।’’

न्यायाधिकरण ने 30 मार्च को जारी आदेश में कहा, ‘‘हेमंत घई की अपील के संबंध में सुनवाई का अवसर प्रदान करने और कोई कारण नहीं बता पाने के चलते तीन फरवरी, 2022 के आदेश को कायम नहीं रखा जा सकता है।’’ न्यायाधिकरण ने हालांकि कहा था कि वह बाजार से उन्हें प्रतिबंधित करने आदेश में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा।

लेकिन 2 सितम्बर 2022 को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने सेबी द्वारा एक टीवी चैनल के पूर्व एंकर हेमंत घई और उनके परिवार पर प्रतिभूति बाजार में कारोबार पर लगाई गई रोक हटा दी है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने घई और उनके परिवार के सदस्यों पर अनुचित व्यापार गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप में बाजार में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी थी।सैट ने जुलाई में जारी सेबी के रोक के आदेश को निरस्त कर दिया है। हालांकि, घई और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर गैरकानूनी ढंग से अर्जित 2.95 करोड़ रुपये की रकम को एक एस्क्रो खाते में ही रखने का निर्देश सैट ने दिया है। इस मामले की जांच छह महीने की तय अवधि में पूरी नहीं होने पर यह प्रावधान लागू होगा। पूर्व टीवी एंकर घई और उनकी पत्नी एवं मां की तरफ से दायर अपील पर सुनवाई के बाद सैट में यह आदेश दिया है। इसके साथ ही सैट ने कहा कि अपीलकर्ता इस आदेश पर पुनर्विचार की अर्जी भी लगा सकते हैं

सेबी की प्रारंभिक जांच में पाया गया था कि हेमंत घई एक टीवी चैनल पर वित्तीय सलाहकार के रूप में काम करते समय उन्हीं कंपनियों के शेयरों को खरीदने की सलाह दिया करते थे जो वह पत्नी और मां के नाम पर खरीदते थे। टीवी चैनल पर दी जाने वाली उनकी सलाहों से उन कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिलता था।

आरोप और जांच, इनके बिच एक लम्बी रेखा होती है. खैर जाँच आगे बढती गई और अब ये सपष्ट हो गया है की हेमंत घई और उनके परिवार बड़ी राहत मिली है.

Leave a Reply

error: Content is protected !!