गाज़ीपुर। कृष्णानंद राय हत्याकांड में आपराधिक षडयंत्र के आरोप में गैंगस्टर के आरोपी बनाए गए गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी ने अपने खिलाफ चलाए जा रहे ट्रायल को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। अफजाल अंसारी का कहना है कि कृष्णानंद राय हत्याकांड में वह बरी हो चुके हैं। लिहाजा, इस मामले में ट्रायल चलाने का कोई आधार बनता ही नहीं। खबरों के अनुसार सांसद के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस मामले में याचिका दाखिल कर दी गई है। अब कोर्ट इस मामले को सूचीबद्ध कर सुनवाई करेगी।

अधिवक्ता ने बताया कि सांसद ने निचली अदालत में भी अपने खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में दर्ज प्राथमिकी में आरोप मुक्त करने के लिए गुहार लगाई थी लेकिन निचली अदालत ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया और सुनवाई के लिए तिथि तय कर पेश होने के लिए कहा है। जबकि, वह इस मामले में बरी हो चुके हैं और उनके खिलाफ केस चलाने का कोई आधार नहीं बनता है।

कृष्णानंद राय की 2005 में हुई हत्या के बाद मुख्तार अंसारी के साथ आपराधिक षडयंत्र में अफजाल अंसारी पर भी 2007 में गैंगस्टर की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। 2019 में कृष्णानंद हत्याकांड के मामले में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। इस पर उन्होंने गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मामले में आरोप से बरी होने के लिए निचली अदालत में अर्जी दाखिल की लेकिन निचली अदालत ने उस अर्जी को खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में गुहार लगाई है।

वहीं इस बीच सांसद अफजाल अंसारी गाजीपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे, उन्होंने गाजीपुर के अठहठा गांव में वह नाव हादसे का जायजा भी लिया और उच्च अधिकारियों से बात कर हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया।

उन्होंने गाजीपुर के ग्राम तेतारपुर,गौरहट, खरोना, पटना, कुसही, हथौड़ा, सिधोना, भुजारी का भ्रमण किया और सैदपुर नगर में बुजुर्ग एडवोकेट गायत्री प्रसाद के दाह संस्कार में गंगा घाट पहुंच कर उनके परिजनों को शोक संवेदना अर्पित की।

वहीं सांसद अफजाल अंसारी ने कहां की ज्यादातर किसान पेशगी वाले हैं यानी वो किसान जो बटाई (पेशगी) पर खेत लेकर अनाज पैदा करते हैं। वह बड़े रकबे वालों से पैसा देकर किराए पर खेत लेते हैं और फिर पैसा लगाकर उसमें बुवाई करते हैं। ऐसे किसानों की संख्या ज्यादा होती है और आमतौर पर वह सरकारी लाभ से वंचित रह जाते हैं।

गाज़ीपुर में पहले ही किसान सूखे की मार झेल रहे थे अब बाढ़ ने उनको बर्बाद कर दिया है ऐसे में जरूरत है उन किसानों की मदद करने की जो पेशगी पर खेती करते हैं। जाहिर सी बात है कि वह कर्ज में डूबे होंगे और उन्हें सरकारी लाभ मिलने की संभावनाएं भी कम होंगी।

सांसद अफजाल अंसारी ने खासतौर से उन किसानों को लेकर चिंता जताई जिनकी संख्या ज्यादा है और वह बटाई पर खेती करते हैं यानी किराए पर खेत लेकर और पैसा लगाकर खेती करते हैं आमतौर पर वह लोग कर्ज से दबे होते हैं।

कहां जाता है कि आजादी के बाद हमारे देश में राजशाही खत्म हो गई लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि सच्चाई यह है कि जो राज परिवार से हुआ करते थे वह राजनीति में सक्रिय हैं यानी आज भी हमारे देश में ज्यादातर राजा का बेटा ही राजा होता है। गरीब का बेटा राजा हो ऐसी संख्या अभी भी कम है।

हमारे देश में गरीबी भी विभिन्न प्रकार की होती है कोई मेहनत कर कर आगे बढ़ता है तो उसे कर्ज में दबा दिया जाता है यानी एक गरीब अपने लाख प्रयासों के बाद भी संघर्ष करता रहता है। शायद यही कारण है आज भी हमारे देश में अमीर अमीर होता जा रहा है और गरीब और गरीब होता जा रहा है।

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