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सवाल उस जनता का है जिसने 5 बार विधायक और 2 बार सांसद बनाया. सवाल उस जनता है जिसने ढाई दशक तक भरोसा जताया. सवाल उस जनता के विश्वास का है. सवाल साढ़े पांच लाख से ज्यादा मतदाताओं का है.

अपराधी का ठप्पा और माफिया की उपाधि. आखिर सवाल क्यों न हो? जिसको जनता अपना प्यार दिया, उसे सरकारी तंत्र ने अपराधी कहा. जमीनों की कुर्की हुई, ईडी का छापा पड़ा. हर चट्टी चौराहों पर एक ही सवाल था आखिर हुआ क्या. छपे में क्या मिला?

खबर आई की बांदा जेल में बंद पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी और करीबियों के ठिकानों पर ईडी की रेड 12 से 24 घंटे तक चली. इस दौरान ईडी को ट्रांसपोर्ट व रियल एस्टेट के बिजनेस में फंड ट्रांसफर के कई अहम दस्तावेज मिले है. इस मामले में मुख्तार अंसारी के किसी करीबी को सोमवार को तलब किया गया है.

सांसद अफजाल अंसारी के घर पर तो ईडी की टीम देर शाम वापस चली गई, लेकिन गाजीपुर में मुख्तार अंसारी से जुड़े लोगों के ठिकानों पर कहीं रात 2 बजे तक कहीं दुसरे दिन दोपहर तक ईडी की टीमें जांच करती रही.

वहीं प्रमुख मीडिया प्लेटफार्म ने लिखा कि लखनऊ में मुख्तार अंसारी के करीबी रिश्तेदार के घर पर यह छापेमारी रात 12:00 बजे तक चली. सोमवार को ईडी ने फ्लैट के मालिक और करीबी रिश्तेदार को बयान के लिए तलब किया है. बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान ईडी को बड़े पैमाने पर फंड ट्रांसफर के साथ-साथ 100 से अधिक बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं.

अब इस खबर के बारे में हमने सांसद अफजाल अंसारी से पूछा तो उन्होंने कहा कि चुनाव के नामांकन के दौरान जो ब्यौरा हमने दिया है यदि उसके अलावा कुछ है तो बता दें.

गुरुवार सुबह 6:00 बजे लखनऊ दिल्ली गाजीपुर में मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों के 11 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की. दिल्ली में सांसद अफजाल अंसारी के सरकारी आवास पर ईडी की टीम पहुंची तो वहीं गाजीपुर में मुख्तार अंसारी के पुश्तैनी आवास पर, जहां अफजाल अंसारी मौजूद थे, वहां सुबह 6:00 बजे ही टीम पहुंच गई.

मुख्तार अंसारी के आवास के साथ-साथ गाजीपुर में उसके तीन करीबियों रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम अग्रहरी, गणेश दत्त मिश्रा और बाबा बस सर्विस के मालिक मुस्ताक खान के ठिकानों पर भी ईडी की टीम ने छापेमारी शुरू की. लखनऊ में हजरतगंज इलाके में स्थित ग्रैंडियर अपार्टमेंट एक फ्लैट में ईडी की टीम ने छापेमारी शुरू की.

यह फ्लैट मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई और साढू तन्नू अंसारी का बताया गया. कागजों में यह फ्लैट आबिद रजा के नाम पर दर्ज है. एक साथ 11 ठिकानों पर की गई छापेमारी में सबसे ज्यादा देर तक ईडी की टीमें लखनऊ और गाजीपुर में मुख्तार अंसारी के करीबियों के घरों पर रही. मुख्तार अंसारी के पैतृक आवास पर तो ईडी की टीम दिन ढलते ही निकल गई.

वहीँ खबर में ये भी लिखा है कि दिनभर की छापेमारी के बाद ईडी को मुस्ताक खान, रियल एस्टेट कारोबारी गणेश दत्त मिश्रा, विक्रम अग्रहरि व लखनऊ में फ्लैट से तमाम महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं.

सूत्रों की माने तो दिनभर की छापेमारी में ईडी को मुख्तार अंसारी से जुड़ी 100 से अधिक बेनामी संपत्ति के दस्तावेज और जानकारियां हाथ लगी है. वहीं लखनऊ में शत्रु संपत्ति पर बिल्डरों के द्वारा मुख्तार अंसारी के नाम पर बनाए गए अपार्टमेंट भी ईडी की रडार पर आ गए हैं. लखनऊ के एक बड़े बिल्डर के ठिकानों पर भले ही ईडी की टीम ने छापेमारी ना की हो लेकिन गुरुवार को हुई छापेमारी में ईडी को मुख्तार अंसारी और उस नामी बिल्डर का कनेक्शन जरूर सामने आ गया है.

मिली जानकारी के अनुसार, जुलाई 2021 में ईडी की एफआईआर दर्ज होते ही लखनऊ के इस बिल्डर ने अपना कागजों दुरुस्तीकरण शुरू कर दिया था और अपने बिजनेस को भी समेटने में लग गया है. हाल ही में एक बड़ा इंवेस्टमेंट भी दुबई में इस बिल्डर के द्वारा किया गया है. ईडी को छापेमारी में फंड ट्रांसफर के भी कागजात हाथ लगे हैं. 

बेनामी संपत्तियों व शत्रु संपत्ति को किराए पर दिए जाने से मिली रकम का फंड ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट कारोबारी तक कैसे पहुंचा? इससे जुड़े सबूत भी ईडी को हाथ लगे हैं. फिलहाल ईडी ने लखनऊ में देर रात तक छापेमारी के बाद मुख्तार के करीबी रिश्तेदार को बयान दर्ज कराने के लिए सोमवार को तलब किया है.

वही दूसरी ओर ईडी की छापेमारी में सांसद अफजाल अंसारी ने साफ कहा कि 2022 का सफाया उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रहा, 2024 में मेरी निगाह मछली की आंख पर है और पूर्वांचल में फिर एक बार सफाया होगा, 13 घंटे की तलाशी और जांच में कागज पत्र देकर जो हौसला और अरमान लेकर आए उसे पूरा किया लेकिन कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला, मेरा हौसला ना कल पस्त था, ना आज पस्त है.

मीडिया प्लेटफार्म पर प्रकाशित ये खबर किस आधार पर है ये तो नहीं पता लेकिन सांसद अफजाल अंसारी ने बड़ा बयान दिया है.

एक तरफ जहाँ करीब 12 करोड़ और 15 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क किया गया है तो वहीँ सांसद अफजाल अंसारी का मेरा हौसला ना कल पस्त था, ना आज पस्त है वाले बयान पर खरा उतरने का प्रयास भी कर रहे हैं. रविवार को उन्होंने जनता को 3 सड़कों का उपहार दे दिया. उन्होंने करीब 190 करोड़ की 250 किलोमीटर की सड़कों का उपहार देने की योजना बनाई है. जो जल्द ही पूरा होने वाली है. ये सभी सडकें उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई जा रही हैं जो सांसद अफजाल अंसारी के प्रयासों से जमीन पर उतर रही हैं.

रविवार को उन्होंने महाराजगंज, मैनपुर, बरेसरा में सड़कों का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा की करीब 65 से 67 किलोमीटर सडकें बन चुकी हैं और बाकि सडकें भी जल्द पूर्ण हो जायेंगीं. ऐसी कुल 36 सडकें हैं. वहीँ लोकार्पण किये गये सड़कों पर पहले से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का शिलापट्ट लगा था, इस पर उन्होंने कहा कि गाँव में ग्राम प्रधान द्वारा कोई नाली बनेगी और उस पर विधायक और सांसद बताये तो उचित नहीं है, उसी तरह प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में 5 पैसा भी राज्य सरकार का नहीं है, ये पूरा भारत सरकार का बजट है.

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