Crime Report || मुख्तार अंसारी और उसके स्वजन के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। शनिवार को शहर के गोराबाजार, रजदेपुर और फुल्लनपुर में मुख्तार की पत्नी अफ्शां अंसारी की सवा दो करोड़ की भू-संपत्ति को कुर्क कर दिया। इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक रोहन पी. बोत्रे स्वयं लीड कर रहे थे। सबसे पहले गोराबाजार की संपत्ति को कुर्क किया गया और उसके बाद फुल्लनपुर और रजदेपुर। इस दौरान भारी संख्या में फोर्स उपस्थित रही।

हमारे संवादाता हसीन अंसारी ने बताया कि शहर के तीनों मुहल्ले में सुबह से ही पुलिसकर्मी पहुंचने लगे थे। अचानक मुहल्ले में पुलिस को देखकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी। इसी बीच करीब 11 बजे पुलिस अधीक्षक रोहन पी. बोत्रे भारी फोर्स के साथ गोराबाजार पहुंचे और मुख्तार की पत्नी अफ्शा की 191 वर्गमीटर भूमि को गैंगस्टर एक्ट के तहत जिलाधिकारी के आदेश पर मुनादी कराते हुए कुर्क कर दिया।

अभी दो दिन पूर्व ही अफ्शां की मुहम्मदाबाद में 50 लाख की भू-संपत्ति को कुर्क किया गया था। मुख्तार अंसारी, उसके स्वजन व करीबियों के खिलाफ हो रही ताबड़तोड़ कार्रवाई से संबंधितों में खलबली मची हुई है। इनके द्वारा अवैध तरीके से अर्जित की गई भूमि को जिला प्रशासन और पुलिस दोनों की एक-एक टीम पड़ताल कर रही है। संपत्ति को चिह्नित करने के पश्चात यह टीम अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को सौंपती है।

वहीँ बीएसपी सांसद अफजाल अंसारी (Afzal Ansari) की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। पिछले दिनों जहां अफजाल अंसारी की करीब 15 करोड़ कीमत की कुल 4 प्रॉपर्टी को प्रशासन ने गैंगेस्टर एक्ट (Gangster Act) के तहत कार्रवाई करते हुए सीज कर लिया था। वही गाजीपुर एमपी/एमएलए कोर्ट से अफजाल अंसारी को बड़ा झटका मिला है। गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में मुक्त करने का अफजाल अंसारी का प्रार्थनापत्र कोर्ट ने खारिज कर दिया है। वहीं 20 अगस्त को मामले में आरोप पत्र पेश करने की तारीख तय की गई है।

शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि साल 2007 में मुख्तार अंसारी, उनके बड़े भाई अफजाल अंसारी और उनके बहनोई एजाजुल हक पर गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में विवेचना करने के बाद 2010 में चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। अफजाल अंसारी ने चार्जशीट को चुनौती देते हुए, मामले से मुक्त करने का कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल दिया था। साल 2013 से अब तक कोर्ट में यह ममामला विचाराधीन था। इस मामले में बहस सुनते हुए कोर्ट ने अफजाल के प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया है। साथ ही 20 अगस्त को सुनवाई की अगली तारीख तय करते हुए आरोप पत्र पेश करने का आदेश दिया है।

Leave a Reply

error: Content is protected !!