Crime Report || सियासत से फैली नफ़रत और नफ़रत से पैदा हुए बवाल ने इन युवाओं के दिशा और दशा शायद बदल दिया है. यह रिपोर्ट दिमाग में पैअदा हुए ज़हर का जीता जगता उदाहरण है. कुछ टीवी न्यूज़ चैनल के उत्तेजित करने वाले कार्यक्रमों की सफलता का ये सबूत है. ये महज एक खबर नहीं युवाओं के बदलते मानसिकता की तस्वीर है. जितना जरुरी धर्म में विश्वास रखना है उतना ही जरुरी धर्म को समझना है. धर्म को आधुनिक किताबोब से अपने ग्रन्थ और वेदों से समझो और जो न समझ में आये तो भगवान् श्री कृष्ण के इस उपदेश को याद रखिये. भगवान कहते हैं कि जब भूल आपसे होती है तो आप समझौता चाहते हैं और भूल किसी और से होती है तो आप न्याय चाहते हैं. ऐसा क्यों? एक ही परिस्थिति में दोहरा व्यवहार क्यों? यदि समझौता, न्याय, प्रतिकार या प्रतिघात के स्थान पर हम केवल प्रेम भर दे तो हमें न समझौते की आवयश्कता होगी और न ही न्याय की आकांछा होगी. मनुष्य समझौता और न्याय तभी चाहता है जब वो कुछ लेना चाहता है, किन्तु प्रेम में तो सब कुछ अर्पण कर दिया जाता है. सबसे बड़ा समझौता और सबसे बड़ा न्याय केवल प्रेम ही है.”

कुछ लोगों को ये बाते अच्छी नहीं लग रही होगी. बहरहाल उत्तर प्रदेश के अमरोहा में रविवार रात नेशनल हाईवे पर कांवड़ियों ने जमकर बवाल काटा। दरअसल, खबर आई की गजरौला में कांवड़ियों के जत्थे पर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले से कांवड़िए भड़क गए। गुस्साए कांवड़ियों ने हाइवे स्थित चौपला चौकी को घेर लिया। साथ ही नेशनल हाइवे-9 को भी जाम कर दिया। आनन फानन में कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। घंटों तक पुलिस-प्रशासन के अधिकारी उन्हें मनाने में जुटे रहे। 1 घंटों की मशक्कत के बाद हाइवे पर जाम लगाने वाले कांवड़ियों को समझा-बुझाकर हटाया गया और जाम खुलवाया गया।

लेकिन मामला क्या था? हसनपुर के नूरपुर खुर्दपुर गांव से 50 से अधिक कांवड़ियों का एक जत्था ब्रजघाट जा रहा था। कांवड़ियों के अनुसार, गजरौला की चौपला चौकी के निकट दूसरे संप्रदाय के कुछ लोगों ने पत्थरबाजी कर दी। दो कावड़िए पत्थर लगने से घायल हो गए। गुस्साए कांवड़ियों ने निकट की चौपला चौकी पर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होने के बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने आलाधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद आसपास के थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। एएसपी चंद्र प्रकाश शुक्ल, हसनपुर एसडीएम सुधीर कुमार पहुंचे और कांवड़ियों मनाने की कोशिश की। लेकिन कांवड़िए नहीं माने।

लेकिन हुआ क्या था? गजरौला थाना इलाके के हसनपुर मार्ग पर सुल्तान नगर इलाके में दो ठेले वालों के बीच पैसों के लेनदन को लेकर मारपीट हो गई और इस विवाद में कांवड़ियों भी शामिल हो गये. ख़बरों के अनुसार विवाद कांवड़ियो द्वारा सामान खरीदने को लेकर हुआ था. कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई। इस झड़प में दो कांवड़िए घायल हो गए. इससे गुस्साए कांवड़ियों ने एक ठेले वाले को जमकर पीटा और नेशनल हाईवे 9 पर जाम लगा दिया. आरोप लगा की दुसरे समुदाय वालों ने पत्थरबाजी की, जबकि ठेले वाले भी हिन्दू ही थे और ये विवाद नफ़रत का नहीं लेन देन का बताया गया.

खैर यहाँ एक बात अच्छी रही. बवाल की सूचना पर भाजपा विधायक महेंद्र सिंह खड़कवंशी भी मौके पर आ गए। विधायक महेंद्र खड़कवंशी ने कार्रवाई का श्वासन दिया। इसके बाद कांवड़िए शांत हुए। इस दौरान करीब एक घंटे हाइवे जाम रहा। यातायात सुचारु होने के बाद पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।

ख़बरों के अनुसार पथराव में घायल हुए गांव नूरपुर खुर्द निवासी सुखदेव, सतेंद्र व योगेश को सीएचसी में भर्ती कराया गया। प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी के मुताबिक मामले में कांवड़िये योगेश की तहरीर पर शहर के मोहल्ला सुल्तान नगर निवासी डैनी व उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की जाएगी। गैर संप्रदाय के लोगों द्वारा कांवड़ियों पर पथराव किए जाने से उन्होंने साफ इनकार किया। बताया कि विवाद से जुड़े दोनों ही पक्ष एक ही संप्रदाय से संबंधित हैं।

सवाल ये है की कार्रवाई मारपीट के सम्बन्ध हो, ठीक है, लेकिन अफवाह फैलाना क्या उचित है? क्या उसपर कार्यवाई नहीं चाहिए? इस अफवाह से माहौल और ख़राब हो सकता था. हिन्दू मान्यता के अनुसार सावन के पवित्र महीने भोले नाथ को जल चढाने से बड़ा कार्य कुछ हो भी नहीं सकता लेकिन ये सब प्रेम और पवित्र मन से होना चाहिए.

भगवान् श्री कृष्ण कहते हैं कि “यदि जीवन में ऊपर उठाना है तो प्रतिरोध की भावना को नष्ट कर, परिवर्तन की भावना को साथ लेकर चलना होगा.”

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