Crime Report || उत्तर प्रदेश में मुख़्तार अंसारी से सम्बंधित लोगों की अवैध संपत्तियों पर ताबड़तोड़ कार्यवाई, कोर्ट से मिलता झटका और अब सांसद अफजाल अंसारी के मुलाकात के बाद कारागार का आकस्मिक निरीक्षण.

बांदा जेल (Banda jail) में बंद मऊ सदर के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) पर एक बार फिर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. बांदा जिले के डीएम (Banda DM) और एसपी (Banda SP) ने रविवार देर रात बांदा मंडल कारागार का आकस्मिक निरीक्षण किया. जिला प्रशासन इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक जेल के अंदर रहा. जेल में छापेमारी के दौरान पूर्व विधायक की बैरिकों का गहनता से निरीक्षण किया गया. बताया जा रहा है कि बांदा के जिलाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस ने रविवार देर रात जेल में छापेमारी की. इस दौरान बांदा एसपी भी इस कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे. हालांकि आकस्मिक निरीक्षम के दौरान बताया जा रहा है कि बैरक की तलाशी में कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला है. 

इससे पहले रविवार को मुख्तार अंसारी के भाई और बसपा सांसद अफजाल अंसारी ने उनसे मुलाकात की थी. मुलाकात के बाद बसपा सांसद ने मीडिया से भी बात की थी. इस दौरान उन्होंने मीडिया को विधायक अब्बास अंसारी पर लगे आरोपों जवाब दिया. आरोपों पर उन्होंने कहा था कि हम इनका जवाब अदालत में देंगे. हम अपनी बेगुनाही अदालत में साबित करेंगे.

उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार मुख़्तार अंसारी के पुत्र और विधायक अब्बास अंसारी की तलाश कर रही है. एक खबर के अनुसार बताया जा रहा है कि अब्बास नए पुलिस कमिश्नर एसबी शिरोडकर की हिट लिस्ट में शामिल हैं कुर्सी संभालते ही कमिश्नर शिरोडकर ने अब्बास अंसारी की फाइल मंगाई..

न्यायालय ने मुख्तार अंसारी की पत्नी और 2 सालों समेत उनके विधायक बेटे को भगोड़ा घोषित कर दिया है, जिसके बाद से पुलिस इन सभी कि तलाश में जुट गई है। वहीं न्यायालय के सामने हाजिर नहीं होने पर प्रशासन इन सब के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी कर सकता है। पूरा मामला साल 2020 में दक्षिण टोला थाना अंतर्गत मुख्तार अंसारी की पत्नी आफसा अंसारी द्वारा कूट रचित दस्तावेजों के माध्यम से सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण का है। इस मामले में मुख्तार अंसारी के दो साले भी आरोपी बनाए गए हैं। इसके अलावा मुख्तार अंसारी के बेटे और वर्तमान में मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी को भी कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस लेने का आरोपी बनाया है। जिसमें न्यायालय के बार-बार नोटिस की अवहेलना करने पर न्यायालय ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया है।

वहीं सोमवार को मुख्तार अंसारी की पत्नी आफसा अंसारी को भी सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. आफसा अंसारी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ दर्ज एफआइआर को रद्द करने की मांग की थी. ये केस उनके खिलाफ 31 जनवरी 2022 को मऊ के दक्षिणी टोला थाने में दर्ज किया गया था.

मुख्तार अंसारी की पत्नी द्वारा भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले में कोर्ट ने ये फैसला दिया है. इसमें उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. जिसके बाद मुख्तार की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने आफसा अंसारी को हाई कोर्ट जाने के लिए कहा है.

वहीँ हमारे संवादाता हसीन अंसारी ने बताया कि सोमवार को भीम सिंह की गाजीपुर के बबेड़ी स्थित तीन बिस्वा भूमि और लखनऊ स्थित एक प्लॉट एवं फ्लैट को कुर्क कर लिया गया। इन तीनों संपत्तियों का वर्तमान समय में बाजार मूल्य करीब चार करोड़ रुपये है। पुलिस अक्षीक्षक रोहन पी बोत्रे ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत मुख्तार अंसारी गैंग के सदस्य भीम सिंह के खिलाफ कार्रवाई हुई है।

करंडा थाना क्षेत्र के रामनाथपुर गांव निवासी भीम की बबेड़ी में स्थित भूमि की मुनादी कर कुर्की की गई। राजस्व विभाग के मुताबिक उक्त भूमि की कीमत 30 लाख 48 हजार रुपये है और वर्तमान बाजार मूल्य करीब एक करोड़ 10 लाख रुपये है। इसके अलावा गाजीपुर पुलिस की दो टीमों द्वारा लखनऊ स्थित एक प्लॉट और एक फ्लैट, जिसकी अनुमानित कीमत दो करोड़ 65 लाख रुपये, को भी कुर्क किया गया। गाजीपुर एसपी रोहन पी. बोत्रे ने बताया कि गैंगस्टर के मुकदमे लगातार पंजीकृत किए जा रहे हैं।

बताया गया कि भीम सिंह ने अवैध रूप से अचल संपत्तियों को अर्जित किया था। पुलिस ने छानबीन में पाया कि कई संगीन धाराओं में नामजद भीम सिंह के पास अचल संपत्ति अर्जित करने का कोई वैध स्रोत नहीं था। भीम सिंह के खिलाफ नगर कोतवाली के अलावा करंडा, सैदपुर, वाराणसी और चंदौली में 35 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

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