पहली बार मऊ के पूर्व विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी और कांग्रेस नेता अजय राय अदालत में आमने-सामने हुए। मामला था अजय राय के भाई अवधेश राय की हत्या का। इसमें अपर सत्र न्यायाधीश/एमपी एमएलए कोर्ट में बुधवार को अजय राय से जिरह हुई। जिरह अधूरी रहने पर अदालत ने 30 जुलाई की अगली तिथि तय की है।

मऊ के पूर्व विधायक के विरुद्ध 1996 के गैंगस्टर के मुकदमे में बुधवार को कांग्रेस नेता अजय राय कड़ी सुरक्षा के बीच अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एमपी-एमएलए रामसुध सिंह की अदालत में बयान देने के लिए उपस्थित हुए। सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने गवाह अजय राय का बयान पूर्व में अंकित कराया था। जिरह के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपी मुख्तार अंसारी उपस्थित रहे। वकील ने अजय राय से हत्याकांड के संबंध में कई सवाल किए। अभी जिरह अधूरी रहने पर कोर्ट ने अगली तारीख 30 जुलाई तय की है।

अदालत में दर्ज मुकदमे में कहा गया है कि 3 अगस्त 1991 को दोपहर लगभग एक बजे अजय राय अपने भाई अवधेश राय के साथ वाराणसी स्थित मकान के गेट पर खड़े थे। तभी एक सफेद रंग की मारुति वैन आई, जिसमें मुख्तार अंसारी सहित कुछ लोग मौजूद थे। वह लोग असलहे लेकर गाड़ी से उतरे और ताबड़तोड़ अवधेश राय पर फायरिंग की। अजय राय ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर किया, जिस पर सभी ने मारुति वैन से भागने का प्रयास किया। असफल रहने पर वह गाड़ी छोड़ कर भाग गए। अवधेश राय को कबीरचौरा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।

Leave a Reply

error: Content is protected !!