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सांसद अफजाल पर बड़ी कार्रवाई! अफजाल अंसारी ने दिया रिएक्शन!

Special Report || राजनीति की दुनिया भी अजीब है. अपने रुतबे को कायम करने के ऐसे ऐसे रणीनीति का प्रयोग किया जाता है कि इस फार्मूले पर पूरी किताब लिखी जा सकती है. खैर ऐसी किताबें समाज के काम नहीं आ सकती लेकिन समाज इन किताबों को पढ़कर जागरूक तो बन ही सकता है.

अब कांग्रेस अपनी इस रणनीति से क्या साबित करना चाहती है? कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की पुत्री पर गंभीर आरोप लगा दिए. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि स्मृति ईरानी की बेटी जोइश ईरानी गोवा में सिली सोल्स कैफे एंड बार नाम से जो रेस्टोरेंट चलाती हैं, उसका लाइसेंस अवैध है। इसके मालिकों ने शराब के लाइसेंस को जिसके नाम से रिन्यू कराया, उसकी 13 महीने पहले मौत हो चुकी है। इस संबंध में वकील एरेज रोड्रिग्ज ने शिकायत की थी।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बेटी पर अवैध बार चलाने के आरोपों पर सफाई दी है। शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर उन्होंने कहा कि यह झूठ है और इसके लिए वो कांग्रेस से कोर्ट में जवाब मांगेंगी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी कॉलेज स्टूडेंट है, वो कोई बार नहीं चलाती। कांग्रेस मुझे और मेरी बेटी को बदनाम कर रही है।

दरसल कहा जा रहा है कि स्मृति ईरानी की बेटी जोइश ईरानी गोवा के अस्सागाव में एक सिली सोल्स कैफे एंड बार नाम से एक पॉश रेस्त्रां चलाती हैं. ईरानी की बेटी का सिली सोल बार अब विवादों में फंस गया है. जानकारी के मुताबिक, रेस्त्रां पर एक मृत व्यक्ति के नाम पर शराब का लाइसेंस लेने का आरोप है. गोवा के एक्साइज कमिश्नर ने झूठे दस्तावेजों के जरिए लाइसेंस लेने की शिकायत पर रेस्त्रां को नोटिस जारी किया है.

अरे ये मैं नहीं कह रहा हूँ ये तो मीडिया प्लेटफार्म पर प्रकाशित हुआ है और कांग्रेस नेता व प्रवक्ता पवन खेड़ा ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर तगड़ा पलटवार किया है. उन्होंने निशाना साधते हुए कहा है, ‘कौन सी स्मृति ईरानी झूठ बोल रही हैं? वो स्मृति ईरानी, जिन्होंने चौदह अप्रैल 2022 को अपनी बेटी के रेस्टोरेंट की तारीफ की थी या वो स्मृति ईरानी जो आज कह रही हैं कि उनकी बेटी का कोई रेस्टोरेंट है ही नहीं?

खैर स्मृति इरानी ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस वाले गलत, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट किए जा रहे हैं, वह स्मृति इरानी की बेटी है इसलिए राजनीतिक स्वार्थ साधने की कोशिश कर रहे हैं। अब कुछ ऐसी ही खबर उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर से भी सुनने को मिल रहा है. ऐसी मतलब यहाँ बार वाली कोई बात नहीं है हाँ लेकिन राजनितिक स्वार्थ वाली बात है.

गाजीपुर (Ghazipur) से सांसद अफजाल अंसारी (Afzal Ansari) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. ये कार्रवाई उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) के तहत दर्ज एक मामले में की गई. इस कार्रवाई में गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी के चार प्रॉपर्टी को कुर्क की किया गया. कुर्क की गई संपत्ति की कुल कीमत करीब 15 करोड़ बताई जा रही है. 

हमारे संवादाता हसीन अंसारी ने बताया कि रविवार को गाजीपुर से बसपा सांसद अफजाल अंसारी पर जिले के डीएम ने चार प्रॉपर्टी कुर्क करने के आदेश दे दिए. जिसके बाद सांसद की करीब 15 करोड़ के कीमत की चार प्रॉपर्टी कुर्की की गई. बताया जा रहा है कि गाजीपुर स्थित भांवरकोल थाना के माचा गांव में इनके नाम से काफी जमीन है. उस जमीन को कुर्क करने की कार्रवाई हुई है. अफजाल अंसारी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गांव में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी. इसके अलावा पुलिस प्रशासन के अधिकारियों का यहां जमावड़ा लगा रहा. गाजीपुर पुलिस द्वारा कहा गया कि अफजाल अंसारी पुत्र शुभानुल्लाह अंसारी द्वारा अवैध ढंग से अर्जित की गयी कुल 14,90,00000 रुपये की अचल संपत्ति को गैगेंस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्क किया गया.

इस पर हमने अफजाल अंसारी का भी पक्ष जाना, उन्होंने कहा कि हमारा 40 – 50 की लम्बी अवधी से साफ़ सुथरा राजनितिक करियर है, हमारा सामाजिक व्यवस्था में दबे कुचले, कमज़ोर लोगों के हितों के रक्षा के लिए खड़े होना और सामंतवादी ताकतों का विरोध करना, बार बार जनता के प्यार से बड़े बड़े सूरमाओं को धुल चटा देना. इसका जो पुरस्कार मुझे मिलना चाहिए वो उस तंत्र द्वारा जो पूरी तरह से भेद भाव की व्यवस्था पर चल रहा है, उससे जो मिलना चाहिए वो मिल रहा है.

उन्होंने कहा कि 2005 की एक घटना में मेरे ऊपर साजिशकर्ता का आरोप लगा था, जब आरोप लगा तब मैं संसद में था. उन्होंने कहा कि हम कानून पर विश्वास रखते हैं, इस मामले का कोर्ट में ट्रायल हुआ और हम दोष मुक्त कर दिए गये लेकिन 2005 की एक घटना को बुनियाद बनाकर 2007 में एक मुकदमा हमारे विरुद्ध लिख दिया गया कि यूपी गैंगस्टर एक्ट भी इनके विरुद्ध लगाया जाता है क्योंकि इतनी बड़ी घटना में इनका हाथ था. उन्होंने कहा कि उसी समय गैंगस्टर कोर्ट से हमें जमानत मिल गई. हमने कोर्ट में कहा कि ये मुकदमा तो हमारे विरुद्ध कायम कर दिया गया लेकिन इसमें कहीं ये नहीं बताया गया कि मैंने क्या अवैध कमी की है और मेरी कौन सी अवैध संपत्ति है? उन्होंने कहा कि कोर्ट में मैंने कहा कि ये वो बयानहल्फी जिन बयान हल्फियों को मैं हमेशा चुनाव आयोग के सामने जब नामांकन दाखिल करता हूँ सन 1985 से अब तक तो ये बयानहल्फी देता हूँ. इसमें तमाम अपनी वैध संपत्तियों का विवरण देता हूँ, जो हमारे खाद्य हैं, जो हमारे आय का श्रोत है वो भी बताता हूँ, इनकम टैक्स रिटर्न भरता हूँ. मेरा छुपा हुआ तो कुछ है नहीं, अगर छुपा है तो वो लिस्ट दें.कोर्ट को ये बात समझ आई और हमको वह बेल दे दिया.

उन्होंने आगे कहा कि ये मैटर उसी वक़्त 2007 से पेंडिंग है और पेंडिंग मैटर में किस केस को आधार बनाया था वो केस छुट गया. उन्होंने कहा कि मैंने कोर्ट में निवेदन किया की जब बुनियाद ही नहीं बची तो ईमारत कैसे खड़ी हो सकती है? आपने जिन साछ्यों के आधार पर ट्रायल किया, उन साछ्यों के आधार पर मैं दोषमुक्त हो गया. क्या उन्ही साछ्यों के आधार पर एक ही मामले में हमें आप दोषी करार दे सकते हैं? लिहाजा हमको दोष मुक्त कर दीजिये. उन्होंने कहा कि ये मामला अभी पेंडिंग हैं, इस पर हमने हाई कोर्ट में कई रूलिंग भी पेश की.

अफजाल अंसारी के इन बातों से एक बात समझ आ रहा हा कि 2005 का एक बड़ा मामला थे जिसमे ये दोषमुक्त हो गये, लेकिन 2007 में उसी मामले में दुबारा मुकदमा दायर हुआ और गैंगस्टर लगाया गया. मतलब जब एक मामले में दोषमुक्त हैं तो उसी मामले में दोबारा कैसे मुकदमा हो सकता है? उन्होंने अपनी सारी संपत्तियों का ब्यौरा चुनाव आयोग को नामांकन के दौरान बयान हल्फी में दिया है, कुछ भी छुपा हुआ नहीं है.

खैर अफजाल अंसारी ने आगे कहा कि अब डीएम साहब ने एक आदेश किया है और उस आदेश के मामले में मीडिया से जो खबर मिल रही है कि मोहम्दाबाद थाने की पुलिस ने मेरी कुछ ऐसी संपत्तियों का जिसका किसी को कुछ पता नहीं था, उसको कहा की ये उनकी अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति है. इसको कुर्क करिए ये गैंगस्टर एक्ट में हैं. इसमें आपको अधिकार मिलता है धारा 14 (1) के तहत और डीएम साहब ने विश्वास किया , धारा 14(1) हमारी संपत्तियों को कुर्क कर दिया, एक बार भी नहीं देखें की अभी 2019 के चुनाव में उन सारे संपत्तियों का नंबर सहित, रकबे सहित, सारा सब कुछ अपने नाम, अपने पत्नी के नाम, बेटियों के नाम जो जमीन है, जो बैंक अकाउंट है, जो खेत है सब कुछ घर दुआर दूकान सब का ब्यौरा दे दिया. उन्होंने कहा कि ये सारी चीजें सबके संज्ञान में है, इसमें 2007 में ऍफ़आईआर के समय पुलिस अवैध संपत्तियों का ब्यौरा नहीं दे पाई और 2009 में विवेचना के बाद चार्ज सीट दे दिया कोर्ट को तब भी नहीं दे पाए मेरे विरुद्ध एक भी अवैध संपत्ति का ब्यौरा. उन्होंने कहा कि 2009 की चार्ज सीट के बाद पुलिस का काम पूरा, अब उसकी कोई भी विवेचना किसी भी स्तर पर नहीं पेंडिंग है. अब कोर्ट में ट्रायल पेंडिंग हैं.

उन्होंने कहा कहा कि फिर से एक रिपोर्ट भेज दी जा रही है और उस रिपोर्ट पर विश्वास करके एक्शन लिया जा रहा. उन्होंने कहा कि ये वही है की हार की पीड़ा बार सता रही है भारतीय जनता पार्टी को की लोकसभा चुनाव में देश में लहर है और हम गाजीपुर में हार जाते हैं. विधानसभा में पुरे प्रदेश में भाजपा की लहर है हम गाजीपुर में एक सीट की बोहनी भी नहीं होती, मैंने चुनाव से पहले कहा था की भाजपा को बोहनी भी नहीं होगी. ये पीड़ा है. आने वाले दिनों में 2024 है फिर चुनाव दिख रहा है.

उन्होंने कहा की चुनाव के समय तो आदेश है की विज्ञापन दीजिये की हमारे ऊपर आपराधिक मामला ये है और संपत्ति ये है, हमने विज्ञापन निकलवाया .उन्होंने कहा कि ईडी को जाँच भी की गई, सारे पेपर तो हमिने ईडी को दिए हैं. उन्होंने कहा कि हम अपनी वैध आय से कोई चीज़ अर्जित करते हैं तो आप इसे किस आधार पर अवैध कह सकते हैं. ये देखना इनकम टैक्स का काम है. 2018 में इनकम टैक्स को कंफ्यूजन हुआ तो उन्होंने नोटिस भेजा. 14 – 15 महीने मुक़दमा चला और इसी संपत्ति का मामला था इसमें हमें क्लीन चिट मिला. हमने सब एक्सप्लेन कर दिया, इसका जजमेंट हमारे पास है. जिस संपत्ति को कुर्क किया गया उसी संपत्ति के बारे में हैं. इनकम टैक्स संतुस्ट हुआ की आय श्रोत जायज हैं.

उन्होंने कहा कि ये प्रसाशनिक एक्शन है और गुस्से में लिया गया है. उसकी क्या वजह है वो भी हम डिस्क्लोज कर देते हैं. उन्होंने कहा कि हमने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे रखा है डीएम के खिलाफ लोकसभा में और जनहित के कार्यों के लिए हमने कई बार चाह की मनमानी न हो, नियम कानून के हिसाब से कार्यवाही हो तो उसपर वो सहमत नहीं होते हैं. उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के 250 किलोमीटर सड़क का प्राविधान करना, प्रस्ताव करवाना, बजट आवंटित करवाना, टेंडर हो जाना, 10 कार्यों का पूरा होना, उद्घाटन शुरू हो जाना और कार्यदायी संस्थान से कहा जाता है की सांसद से उद्घाटन मत करवाओ. एक नहीं चार गाइड लाइन दिखा डी गई ये सांसद कार्य है और वही उद्घाटन करेगा. उन्होंने कहा कि हमारे सांसद निधि के कार्य में बाधा खड़ी की जाती है.

उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर हम अदालत में जायेंगें और जनता के अदालत में भी हम पास होंगे. मैं नियम कानून से चलने वाला आदमी हूँ. जो लोग संविधान को मानते हैं, कानून को मानते हैं न्याय प्राप्त के लिए वो कहाँ जायेगा? वो कोर्ट में ही जायेगा. 15 साल बाद हमें अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है, सारी जनता थू थू कर रही है, अफजाल अंसारी को केवल गाजीपुर में ही नहीं, पूर्वांचल और पुरे उत्तर प्रदेश में लोग जानते हैं. उन्होंने कहा कि आप डराइये हम डरने वाले नहीं और न ही घबराने वाले हैं.

बहरहाल प्रशासन की कार्रवाई और सांसद अफजाल अंसारी का पक्ष दोनों ही हमने आपको बताया. अब इस राजनीति में आगे और क्या क्या होगा ये भी देखने वाली बात होगी.

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