एक ऐसी घटना जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए एक ऐसी घटना जिसने मानवता को तार तार कर दिया. जिसके खुलासे के बाद पुलिस ने भी अपना माथा पकड़ लिया. एक ऐसी घटना जिसने ऐसे सवाल खड़े किये जिसका जवाब साइक्लोजिस्ट PSYCHOLOGIST तलाश रहे है.

एक 10 साल की मासूम अपने माँ के शव के साथ रोती रही. उसके माँ की मौत हो चुकी थी, किसी ने माँ की हत्या कर दिया था. 2 दिन हो चुके थे, शव सड़ रहा था उसमे से बदबू आ रही थी, लेकिन वो मासूम अपनी माँ के शव के साथ बैठी रही. जब पुलिस कमरे का दरवाजा खोला तो दंग रह गई.

दैनिक भाष्कर में प्रकाशित खबर के अनुसार मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले नवीन कुमार सिंह सेना में जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर हैं। उनकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल में है। लखनऊ के पीजीआई इलाके में उनका मकान है। यहां उनकी पत्नी साधना (40 साल) अपने 16 साल के बेटे और 10 साल की बेटी के साथ रहती थीं।

पुलिस ने मंगलवार देर रात फौज़ी नवीन कुमार सिंह के घर के बाहर का गेट खोला तो घर के अंदर से असहनीय बदबू आ रही थी। पुलिस वाले नाक पर रुमाल रखकर किसी तरह भीतर दाखिल हुए तो बेड पर साधना की सड़ी हुई लाश पड़ी थी। शव इतना सड़ चुका था कि चेहरा पहचान पाना मुश्किल था। उसी कमरे में सिसकियां लेती साधना की 10 साल की बेटी भी थी।

सवाल ये था की एक फौज़ी जो पश्चिम बंगाल में ड्यूटी करता है, उसका परिवार लखनऊ में रहता है. तो आखिर ऐसी क्या बात थी की उसके पत्नी साधना की हत्या हो जाती है. सवाल कई थे कि क्या कोई दुश्मन था? क्या वो किसी लुट या चोरी के वारदात का शिकार हो गई? या किसी अपने ने इस घटना को अंजाम दिया? माँ के शव के साथ रोती मासूम का वो दृश्य ह्रदय को झंकझोर रहा था.

खबर के अनुसार ये घटना शनिवार रात की है, तो सवाल था की इसकी जानकारी 2 दिन बाद यानि मंगलवार को पुलिस को कैसे हुई? खबर के अनुसार अक्टूबर में 16 साल के बेटे का जन्मदिन था। बर्थडे की उसी रात बेटे ने मां की कोई ऐसी शिकायत पापा से की, जिसे लेकर दोनों में बहुत विवाद हुआ। इसके बाद से साधना लगातार बेटे को प्रताड़ित कर रही थी। घटना से दो दिन पहले 10 हजार रुपए चुराने का आरोप लगाकर बेटे की बेतहाशा पिटाई की थी। बेटे ने ही मंगलवार रात अपने पिता नवीन को वीडियो कॉल करके बताया कि मां की हत्या हो गई है। उसने पिता को शव भी दिखाया। नवीन ने एक रिश्तेदार को फोन करके तत्काल अपने घर भेजा। पुलिस पहुंची तो घर के अंदर के हालात देखकर दंग रह गई।

पुलिस के अनुसार साधना की किसी आदत से उसका बेटा बेहद नफरत करता था। इसकी उसने पापा नवीन से कई बार शिकायत की। बावजूद इसके मां की हरकत में बदलाव नहीं आया। इसी हरकत से तंग आकर एक साल पहले वो घर छोड़कर भाग गया था। वह हरकत क्या थी, इस पर पुलिस ने हालांकि कोई बात नहीं बताई है।

अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा आखिर साधना की हत्या हुई कैसे? किसने की? क्या बेटे ने ही अपने माँ की हत्या तो नहीं कर दी? पुलिस को साधना के शव के पास नवीन की लाइसेंसी पिस्टल मिली। पिस्टल की मैगजीन पूरी खाली थी। इससे पुलिस अनुमान लगा रही है किमैगजीन की 6 गोलियां साधना के ऊपर दाग दिया गया होगा। हालांकि, लाश सड़ जाने की वजह से शरीर पर गन शॉट दिखाई नहीं दे रहे थे। इसके लिए पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

पुलिस ने जब मौके पर पहुंच कर बेटे पूछताछ की तो बेटे ने कहा कि इलेक्ट्रीशियन ने इस हत्याकांड को अंजाम दे दिया। लड़के ने पुलिस को बताया कि एक इलेक्ट्रीशियन था, जो घर में काम करने आता था और उसी ने मां को एक रात पहले मौत के घाट उतार दिया, पुलिस के मन में कई सवाल खड़े हो गये, लेकिन जैसे ही पुलिस ने बच्ची से पूछताछ की तो सारा राज खुल गया।

खबर के अनुसार ADCP काशिम आब्दी के मुताबिक, बेटा मोबाइल पर गेम खेलने का आदी था, लेकिन साधना उसे गेम खेलने से रोकती थीं। शनिवार की रात भी उन्होंने बेटे को गेम खेलने से मना किया। बेटा इससे नाराज हो गया। रात करीब 2 बजे जब साधना गहरी नींद में थीं, उसने अलमारी से पिता की पिस्टल निकाली और मां की हत्या कर दी। इसके बाद बहन को डरा-धमकाकर उसी कमरे में बंद कर दिया। पुलिस का दावा है कि बेटे ने बहन के सामने मां को गोली मारी। वो भी एक नहीं शायद 6, इससे 10 साल की मासूम इतनी दहशत में आ गई कि भाई के कहने पर मां की लाश के साथ ही सोती रही। पुलिस ने बेटे से काफी पूछताछ की, लेकिन उसने कितनी गोलियां दागीं बता नहीं पाया। कड़ी पूछताछ के बाद पूरी कहानी सामने आ गई और बेटे ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

लेकिन ये सब हुआ कैसे? दूसरी ओर पुलिस का यह भी कहना है कि साधना किसी बात से नाराज होकर बेटे को लगातार प्रताड़ित कर रही थी। लेकिन वो बात क्या थी? और बेटा अपने पिता नवीन से किस बात की शिकायत करता था? खबर के अनुसार माँ की हत्या करने के बाद 16 साल का बेटा दूसरे दिन, यानी रविवार को बहन को घर में बंद कर दोस्त के घर गया। रात में दोस्त को साथ लेकर आया और ऑनलाइन ऑर्डर करके खाना मंगवाया। खाना खाने के बाद लैपटॉप पर मूवी देखी। दोस्त ने मां के बारे में पूछा तो बताया कि दादी की तबीयत खराब है। मम्मी उनके पास गई है। सोमवार की रात एक और दोस्त को रुकने के लिए घर बुलाया। इस रात दोनों ने कुछ खाना घर में बनाया। अंडा करी ऑनलाइन मंगवाई। तब तक शव सड़ने लगा था और बदबू आ रही थी। दोस्त को भनक न लगे, इसके लिए हत्यारे बेटे ने पूरे घर में रूम फ्रेशनर डाला। मंगलवार की सुबह दोस्त चला गया तो आरोपी मोहल्ले में खेलने निकाला। शाम तक दुर्गंध फैलने लगी, तो उसने रात में पिता को वीडियो कॉल किया। फिर वारदात के बारे में बताया। फिलहाल पुलिस ने बेटे को अपने संरक्षण में लेकर 10 साल की बेटी को पिता नवीन के भाई के सुपुर्द कर दिया है।

एक दूसरी खबर के अनुसार पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी लड़के ने कहा, ‘मां मेरी आजादी छिनती थीं, उन्होंने मुझ पर बेवजह पाबंदी लगाकर रखी थी, जिन्हें मैं तोड़ना चाहता था। एक दिन 10 हजार रुपए गायब हुए थे, तब मां ने मुझे बहुत मारा था, हालांकि पैसा मिल गए थे, लेकिन इस बात से मैं काफी परेशान था। मेरी कोई गलती नहीं थी, मां ने मुझे मारा था।’

इस पूरी वारदात के बारे में आरोपी के रिश्तेदार ने कहा, ‘मां-बेटे में गेम को लेकर अक्सर लड़ाई होती थी। कई बार मां से लड़ाई होने पर आरोपी घर छोड़ कर चला गया, लेकिन वापस आ गया। वह दिन भर में कई घंटे गेम खेलता था, बोर्ड के पेपर की वजह से उसे रोका जाता था लेकिन वो नहीं मानता था।’

अब यहां सवाल उठता है कि

आखिर आरोपी की मां कौन सी आजादी छीन रही थी ?

क्या वो अपने बच्चे को सुधारना चाहती थी या फिर वो अपने बच्चे को ज्यादा टाइट रखती थी ?

मां का बर्ताव अपने बच्चों के प्रति कैसा था ?

बच्चे ने कैसे पिस्तौल लोड कर ली ?

पिता के साथ न रहने की वजह से क्या बच्चे बिगड़ रहे थे ?

बच्चे को गेम की आदत कहां से और कैसी लगी ?

क्यों उसके मस्तिष्क पर गेम इतना असर डाल रही थी ?

पहली बार बच्चे को गेम खेलते हुए कब देखा गया था ? और क्या उसी समय विरोध किया गया ?

आरोपी के घर का माहौल किस तरह का था ?

आरोपी पढ़ाई में किस तरह का छात्र था ?

दरअसल, ये वो सवाल है , जिसका जवाब साइक्लोजिस्ट PSYCHOLOGIST तलाश रहे है ताकि सच सामने आ सके। उधर, पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। इसके अलावा बच्चे से पुलिस ने जो सवाल किये, वो ये है

पुलिस ने पूछा : तुमने ऐसा क्यों किया ?

लड़का नही बोला !

थोड़ा हार्ड होकर पुलिस ने पूछा ?

लड़के का जबाब : मम्मी का रोका टोकी बहुत करती थी। गेम नहीं खेलने देती थी।

पुलिस ने पूछा : गोली कैसे मारी ?

लड़के का जबाब : रात में सोते समय जब मम्मी सो गई तब पापा की पिस्टल से गोली मारी

पुलिस ने पूछा : डर नहीं लगा पुलिस पकड़ लेगी ?

लड़के का जबाब : नहीं

पुलिस ने पूछा : बहन को क्या बताया ?

लड़के का जबाब : मम्मी के बारे में किसी को बताया तो तुमको भी ऐसे मार दूंगा। तुम चुप रहना।

पुलिस ने पूछा : कौन सा गेम खेलते थे फोन में ?

लड़के का जबाब : ऑनलाइन गेम ,पब्जी, फाइटर इंस्टाग्राम पर रहता था अच्छा लगता था। मम्मी रोकती थी। गुस्सा आता था।

पुलिस ने पूछा : पापा अगर मारते तो उनको भी गोली मार देते ?

लड़के का जबाब : वो तब देखा जाता ,क्या करता अभी क्या बताऊं

पुलिस ने पूछा : तुमको जेल हो जायेगी नही सोचा था ?

लड़के का जबाब : नहीं ,इतना नही सोचता हूं।

पुलिस ने पूछा : पार्टी दोस्तों के साथ क्यों की ?

लड़के का जबाब : रात में डर गया था और बहुत दिनो से उनके साथ मूवी नहीं देखी थी वो मुझसे कह रहे थे तब मैने कहा कि चलो घर चले।

पुलिस ने पूछा : बहन को खाना कहां से लाकर देते थे ?

लड़के का जबाब : स्कूटी से बाहर जाता था और खाना लाता था जो मन था वही खाने को लाता था।

पुलिस ने पूछा : घर में खाना बनाया क्या?

लड़के का जबाब : हां बनाया, जो बहन को पसंद था वही बना देता था

पुलिस ने पूछा : अब मां तो है नहीं दुख नहीं है तुम्हे ?

लड़के का जबाब : नहीं ,दुख नहीं है

पुलिस ने पूछा : घर पर फोन आता था तो क्या बताए थे?

लड़के का जबाब : मम्मी का फोन मेरे पास था ,मैं अपने फोन से बोलता था मम्मी दादी को देखने गई है और आयेंगे तो बात करवा दूंगा।

पुलिस ने पूछा : पिता का फोन क्यू नहीं उठाया ?

लड़के का जबाब : उठाया था जब देखा ज्यादा फोन आ रहा है तब बताया की ऐसा हो गया

पुलिस ने पूछा : मोबाइल में पोर्न देखते थे,मम्मी मना करती थी

लड़के का जबाब : मेरे दोस्त देखते थे उनको कोई नहीं कहता था,

पुलिस ने पूछा : कहानी क्यों गढ़ी ?

लड़के का जबाब : लगा था किसी को पता नहीं लगेगा।

यूपी के लखनऊ में जिस तरह से एक 16 साल के लड़के ने अपनी मां की हत्या की (SON KILLED HIS MOTHER), उससे कई सवाल खड़े हो गए है। इस रिपोर्ट में दिखाई जाने वाली कहानियां का मकसद अपने दर्शकों और समाज को जागरूक करना है. जागरूक बने और सतर्क रहे. जय हिन्द.

Leave a Reply

error: Content is protected !!