यूपी का एक ऐसा स्टेडियम जिसने विश्व में झंडे गाड़ दिए. एक ही गाँव के तीन ख़िलाड़ी जिन्होंने एशिया कप भारत का तस्वीर बदल दिया. जिसने कर्म को धर्म बना कर, बना दिया करमपुर. तो आइये चलते हैं अकल्पनीय अविश्वसनीय स्टेडियम के अद्भुद गाथा अगले अध्याय में.

उत्तर प्रदेश के एतेहासिक जनपद गाजीपुर के औड़ीहार में स्थित है मेघबरन सिंह स्टेडियम करमपुर. इस स्टेडियम के अद्भुद गाथा के कई अध्याय हैं. इसमें एक नया अध्याय एशिया कप के रूप में जुड़ गया हैं. करमपुर में इंडोनेशिया के जकार्ता में हुई पुरुष एशिया कप हाकी में कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम के तीन खिलाड़ियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। बता दें कि एशिया कप में भारतीय Hocky टीम ने तृतीय स्थान हासिल कर कांस्य पदक जीता। टीम में करमपुर स्टेडियम के तीन खिलाड़ी उत्तम सिंह, राजकुमार पाल व पवन राजभर शामिल थे। केवल एशिया कप ही नहीं करमपुर स्टेडियम से ही व‌र्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप स्पेन के लिए पहलवान भीम यादव का भी चयन हुआ है.

इन सभी खिलाडियों की सफलता पर इनका भव्य स्वागत किया गया. सभी खिलाड़ी व पहलवान रथ पर सवार हुए और उनके पीछे स्टेडियम के सैकड़ों खिलाड़ी व ग्रामीण बाइक से चल रहे थे। तेजू भइया अमर रहे के नारे से पूरा क्षेत्र गूंज रहा था। रोड-शो सिधौना, रामपुर, गोपालपुर, शादीभादी, औड़िहार, सैदपुर, हसनपुर, जोगीवर बाबा स्थल, अमुवारा, उचौरी, पोखरामोड़, अनौनी होते हुए स्टेडियम में पहुंचा। स्टेडियम में पहुंचने के बाद खिलाड़ियों ने प्रबंधक पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह को धन्यवाद ज्ञापित किया और स्व. तेजबहादुर सिंह के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। हाकी खिलाड़ियों ने अपने मेडल उनकी फोटो के समक्ष समर्पित किया।

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