कश्मीर घाटी में लगातार हो रही हत्याओं के बिच उप राज्यपाल मनोज सिन्हा अब एक्शन मोड नज़र आ रहे हैं. मीडिया प्लेटफार्म (Amar Ujala) प्रकाशित खबर के अनुसार कश्मीर में लगातार हो रही हिंदुओं की हत्या से घाटी का माहौल खराब करने की आतंकियों की कायराना कोशिश लगातार जारी है। जिस वजह से 100 से अधिक कश्मीरी पंडितों ने घाटी से जम्मू की ओर पलायन कर दिया है। मीडिया प्लेटफार्म पर प्रकाशित खबर में लिखा है कि उत्तरी कश्मीर के बारामुला में एक कश्मीरी पंडित कॉलोनी के अध्यक्ष अवतार कृष्ण भट के अनुसार, मंगलवार से इलाके में रहने वाले 300 परिवारों में से लगभग आधे यहां से जा चुके हैं। 

इस बिच खबर आ रही है कि कश्मीर में आतंकवादियों ने एक और टारगेट किलिंग को अंजाम दे दिया है। राजस्थान के रहने वाले बैंक मैनेजर को गुरुवार को कुलगाम में बैंक में घुसकर गोली मार दी। 3 दिन पहले कुलगाम में ही एक टीचर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इलाकाई देहाती बैंक के अधिकारियों ने कहा कि मोहनपोरा ब्रांच में विजय कुमार को आतंकवादियों ने गोली मारी। नाजुक हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। आतंकवादियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर में एक महीने में 6 टारगेट किलिंग का मामला सामने आया है। 12 मई बडगाम में राहुल भट्ट (सरकारी कर्मचारी), 13 मई को पुलवामा में रियाज अहमद ठाकोर (पुलिसकर्मी), 24 मई को सैफुल्लाह कादरी (कांस्टेबल), 25 मई को अमरीन भट्ट (टीवी आर्टिस्ट) और 31 मई को कुलगाम में रजनी बाला (टीचर) की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और अब विजय कुमार.

मीडिया प्लेटफार्म (Dainik Bhaskar) पर प्रकाशित खबर के अनुसार गृह मंत्रालय ने सदन में बताया कि अगस्त, 2019 से मार्च, 2022 तक, 4 कश्मीरी पंडितों और 14 /हिन्दू और गैर-कश्मीरी मजदूरों की हत्या हो चुकी है। अगस्त में केंद्र सरकार ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया था।

इधर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर की स्थिति की समीक्षा करने के लिए 3 जून को नई दिल्ली में हाई लेवल मीटिंग करेंगे। इसमें जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा,एनएसए अजीत डोभाल भी शामिल रहेंगे। शाह पिछले महीने भी कश्मीर को लेकर रिव्यू मीटिंग की थी।

इसके पहले उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को प्रशासन व पुलिस के अधिकारीयों के साथ बैठक किया. बैठक में उन्होंने आदेश दिया कि 6 जून तक प्रधानमंत्री पैकेज के तहत घटी में तैनात कश्मीरी पंडितों व अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर तैनात किया जाये. उन्होंने कहा कि तय सीमा में प्रक्रिया पूरी न करने पर सम्बंधित अधिकारीयों पर कार्रवाई होगी.

अब देखने वाली बात ये है कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद क्या निर्णय लिया जायेगा. इधर मीडिया (Dainik Bhaskar) पर प्रकाशित खबर में लिखा है कि कश्मीर संभाग के विभिन्न जिलों में कार्यरत जम्मू संभाग के शिक्षक घाटी छोड़ जम्मू की तरफ रुख कर रहे हैं। कई शिक्षक बुधवार को रजनी बाला के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए। कश्मीर संभाग के कुलगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग, बारामुला, शोपियां सहित अन्य जिलों में जम्मू संभाग के हजारों शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें कश्मीरी पंडित और अनुसूचित जाति के कर्मचारी हैं।  कुलगाम में ही कार्यरत एक शिक्षक ने बताया कि सभी में डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि 2011 में मेरी तैनाती अनुसूचित जाति कोटा के तहत हुई थी। कहा, सरकार हमारी तैनाती सुरक्षित स्थानों पर करे या फिर हमारा तबादला जम्मू संभाग के जिलों में करें।

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