उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार को विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच शुरू हुआ. शोरगुल के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सदन में अपना अभिभाषण पढ़ा और इधर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को नहिसत दे डाली है. ओम प्रकाश राजभर के दिए गये बयान से सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. सवाल भी उठ रहा हैं कि क्या सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और सपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव में सब ठीक तो हैं न? वरना ऐसा बयान तो कई सवाल खड़े करता है.

सोमवार को सुबह 11 बजे विधानमंडल के समवेत सदन की कार्यवाही राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू हुई. मगर अभिभाषण शुरू होने से पहले ही समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक बैनर और पोस्टर लेकर सदन के बीचोंबीच आ गए और नारेबाजी करने लगे. सपा सदस्यों ने ‘गवर्नर गो बैक’ के नारे लगाए.

इसी शोरगुल के बीच आनंदीबेन पटेल ने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया. करीब सवा घंटे तक पढ़े गए अभिभाषण में उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का जिक्र किया. विपक्षी सदस्य हाथों में तख्तियां और बैनर थामे हुए थे, जिन पर पुरानी पेंशन की बहाली, कानून-व्यवस्था व छुट्टा पशुओं की समस्या समेत विभिन्न मुद्दों का जिक्र था.

मुद्दे तो सही थे, चर्चा भी होनी चाहिए. लेकिन मुद्दों से ज्यादा जब राजनीति होने लगती है तो ऐसे मुद्दे भी गूम हो जातें हैं. शायद इसीलिए जनता अब सत्ता से सीधा सवाल पूछती है.

विधानसभा सत्र से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित किया और बजट को लेकर बड़ी बात कही.सीएम योगी ने कहा कि “नई सरकार के गठन होने के बाद 18वीं विधानसभा का पहला सत्र आज से शुरू हो रहा है. नई विधानसभा के पहले सत्र में मैं सभी निर्वाचित सदस्यों का स्वागत करता हूं. उत्तर प्रदेश सरकार का 2022-23 का बजट भी इसी सत्र में आएगा. एक प्रकार से यह बजट सत्र है. 26 मई को प्रदेश सरकार विधानसभा में अपना बजट पेश करेगी.”

विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम ने यूपी विधानसभा में विधायक पद की शपथ ली.

इधर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को लोगों से मिलने और जनता के बीच जाने की नसीहत दी है. राजभर ने कहा कि सपा के नेता जब उनसे मिलते हैं तो वो अपने नेता को घर से बाहर निकलकर पार्टी को मजबूत करने के लिए जनता से मिलने के लिए कहते हैं. उन्होंने कहा कि अखिलेश को लोगों से मिलने के लिए बैठकें करनी चाहिए. 

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता जब मुझसे मिलते हैं तो वो कहते हैं कि मैं उनके नेता को घर से बाहर निकलने और जनता से बात करने के लिए कहूं. मैं बस वही कर रहा हूं. उन्होंने कहा कि मैंने यहीं कहा है कि अखिलेश यादव को घर से बाहर निकलना चाहिए, लोगों से मिलना चाहिए. उन्होंने आम लोगों से मुलाकात करने के लिए बैठकों की एक श्रंखला शुरू करनी चाहिए, पार्टी को मजबूत करने कि लिए इसकी जरूरत है. 

अब यहाँ सारे मुद्दे राजनीति की भेंट चढ़ गए. सपा के विधायकों ने सदन में जन मुद्दा उठाया लेकिन राजनीति में मुद्दे हवा हो गयें. जो कुछ कसर बचीं थी वो ओम प्रकाश राजभर ने पूरा कर दिया. अब कई मीडिया प्लेटफार्म पर जन मुद्दों को उनके बयान ने दबा दिया.

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