मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फील्ड के अफसरों को साफ शब्दों में कहा है कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। उन्माद फैलाने और अफवाह फैलाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हो वह चाहे जिस पक्ष का हो। बिना अनुमति के कोई शोभायात्रा या धार्मिक जुलूस न निकलने दिया जाए। अनुमति भी केवल उन्हें दी जाए जो परंपरागत हो। किसी नई परंपरा की शुरूआत न होने दी जाए। मुख्यमंत्री अपने दूसरे कार्यकाल में फील्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रहे थे।

दूसरे कार्यकाल की पहली वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर सख्त थे। उन्होंने अलीगढ़, सहारनपुर और लखनऊ के गुडंबा की घटना पर नाराजगी जाहिर की और वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। लखनऊ में सरेशाम हुई फायरिंग की घटना में किसी पुलिस कर्मी पर कार्रवाई न करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री गुडंबा के थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हल्के के दरोगा और बीट के सिपाहियों पर भी कार्रवाई की जाए और इस कार्रवाई से मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया जाए। वहीं अलीगढ़ और सहारनपुर में अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई न करने पर नाराजगी जाहिर की।

सबसे बड़ा सवाल लाउडस्पीकर को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या निर्देश दिए?

ख़बरों के अनुसार मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में कहा कि अपनी धार्मिक विचारधारा के अनुसार सभी को अपनी उपासना पद्धति को मानने की स्वतंत्रता है। माइक का प्रयोग किया जा सकता है। लेकिन यह सुनिश्चित हो कि माइक की आवाज़ उस परिसर से बाहर न आए। अन्य लोगों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। नए स्थलों पर माइक लगाने की अनुमति न दें।

अब इसको समझने की जरुरत है. उन्होंने कहा कि माइक का प्रयोग किया जा सकता है। ठीक है. नए स्थलों पर माइक लगाने की अनुमति न दें. यानि हम यूँ समझ सकते हैं कि जहाँ पारम्परिक रूप से लगे हैं उन्हें छोड़ कर. ये भी ठीक. लेकिन यह सुनिश्चित हो कि माइक की आवाज़ उस परिसर से बाहर न आए। अब सवाल यहीं खड़ा होता है.

मस्जिद पर जहाँ आजान के लिए लाउडस्पीकर लगा है और जब माइक से बोलकर आजान दिया जाता है तो लाउडस्पीकर के द्वारा आवाज दूर तक जाती है. लाउडस्पीकर मस्जिद के अन्दर नहीं ऊपर की और बाहर की तरफ मुंह करके लगाया जाता है. और यही हाल मंदिर का भी मंदिर में जहाँ भजन चलाये जाते हैं या भजन होता है, वहां भी लाउडस्पीकर बाहर की तरफ मुंह करके लगाया जाता है और आवाज दूर तक जाती है.

अब इस बात से कुछ ठीक ठीक समझ नहीं आ रहा है. इतना ही समझ आ रहा है कि मस्जिद हो या मंदिर लाउडस्पीकर का मुंह कैंपस के अन्दर रखना पड़ेगा, आवाज धीमी रखनी पड़ेगी और ये सुनिश्चित करना पड़ेगा कि मंदिर या मस्जिद से आवाज बाहर तो नहीं जा रही है. अब इससे इस निर्देश का पालन भी हो जायेगा कि माइक का प्रयोग किया जा सकता है। लेकिन यह सुनिश्चित हो कि माइक की आवाज़ उस परिसर से बाहर न आए। अन्य लोगों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए।

अब एक बात और है कि नए स्थलों पर माइक लगाने की अनुमति न दें यानि किसको रामचरित मानस का पाठ करवाना हो या भजन का आयोजन करवाना हो या मिलाद का कार्यक्रम हो. तो वो सब अब बिना मइके और लाउडस्पीकर के….

दूसरा गंभीर सवाल मार्ग बाधित कर या यातायात बाधित कर न हो कोई आयोजन?

ख़बरों के अनुसार सीएम योगी ने कहा कि कि धार्मिक कार्यक्रम, पूजा-पाठ निर्धारित स्थान पर ही हों। यह सुनिश्चित करें कि सड़क मार्ग, यातायात बाधित कर कोई धार्मिक आयोजन न हो।

अब इसका असर कहाँ पद सकता है स्पस्ट तो नहीं कहा जा सकता लेकिन ईद की नमाज तो भीड़ की वजह से सड़क पर भी होती है और यातायात को रोका भी जाता है. तो क्या अब ईद पर भी नमाज ईदगाह या मस्जिद के अन्दर या किसी कैम्पस में होगी.

खैर ख़बरों के अनुसार सीएम योगी ने बिना विधिवत अनुमति के कोई शोभा यात्रा, धार्मिक जुलूस निकालने पर रोक लगाने के साथ ही यह भी साफ किया कि अनुमति देने से पूर्व आयोजक से शांति-सौहार्द कायम रखने के संबंध में शपथ पत्र लिया जाए. अनुमति केवल उन्हीं धार्मिक जुलूसों को दिया जाए, जो पारंपरिक हों, नए आयोजनों को अनावश्यक अनुमति न दी जाए.

मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करने, ड्रोन का उपयोग कर हर स्थिति पर नजर रखने और प्रतिदिन सायंकाल पुलिस बल को पैदल गश्त करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर त्यौहार शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हो। इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ कड़ाई से पेश आएं। माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए। ऐसे लोगों के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

4 मई तक पुलिस कर्मियों की छुट्टियां निरस्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व त्योहार हैं। रमजान का महीना चल रहा है। ईद का त्योहार और अक्षय तृतीया एक ही दिन होना संभावित है। ऐसे में वर्तमान परिवेश को देखते हुए पुलिस को अतिरिक्त संवेदनशील रहना होगा। थानाध्यक्ष से लेकर एडीजी तक अगले 24 घंटे के भीतर अपने अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ सतत संवाद बनाएं। मुख्यमंत्री ने 4 मई तक सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मियों की छुट्टियां निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष, सीओ और पुलिस कप्तान से लेकर जिलाधिकारी, मंडलायुक्त तक सभी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों का अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त होगा। जो वर्तमान में अवकाश पर हैं व अगले 24 घंटे के भीतर तैनाती स्थल पर वापस लौटें। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इसे सुनिश्चित कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तहसीलदार, एसडीएम, सीओ व थानाध्यक्ष सभी अपनी तैनाती के क्षेत्र में ही रात्रि विश्राम करें। शासकीय आवास है तो वहां रहें नहीं तो किराए का आवास लें। लेकिन रात्रि में अपने ही क्षेत्र में रहें। 

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