उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव को लेकर अब हंगामे की स्थिति बन गई है सपाइयों ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के स्थानीय नेताओं के दबाव में उनका नामांकन पत्र खारिज करने की साजिश रची जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोकतंत्र की किसी भी कीमत पर हत्या नहीं होने दी जाएगी।

अलीगढ़-हाथरस स्थानीय निकाय चुनाव में सपा प्रत्याशी जसवंत सिंह यादव के प्रस्तावक प्रमोद कुमार के गायब हो जाने को लेकर चर्चाएं हैं। खबर के अनुसार सपाइयों का दबी जुबां से आरोप था कि भाजपाइयों ने प्रमोद को कहीं गायब करा दिया है। बहरहाल जसवंत सिंह यादव के भविष्य का फैसला प्रमोद कुमार के हाजिर होने या प्रमोद के रुख पर निर्भर करेगा।

वहीँ गाजीपुर में सपा ने चक्रव्यूह ने रच दिया है लेकिन सपा प्रत्यासी के उपर ही कई सवाल खड़े हो गये हैं. गाजीपुर में सपा प्रत्यासी भोला नाथ शुक्ला और भाजपा प्रत्यासी विशाल सिंह चंचल के अलावा सपा को समर्थन देने वाले और ग्राम प्रधान संगठन का नेत्रित्व करने वाले मदन यादव ने भी नामांकन किया है. अब ऐसे में मदन यादव किसके लिए चुनौती बनेंगें ये भी देखने वाली बात होगी.

उधर अलीगढ़-हाथरस स्थानीय निकाय चुनाव (विधान परिषद) के तहत सोमवार को भाजपा प्रत्याशी चौधरी ऋषिपाल सिंह व सपा प्रत्याशी जसवंत सिंह यादव ने नामांकन किया था। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भाजपा प्रत्याशी चौधरी ऋषिपाल सिंह अपने अधिवक्ता के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और सपा प्रत्याशी जसवंत सिंह यादव के दस प्रस्तावकों में से तीन प्रस्तावक सरबती देवी, गुड्डी देवी व प्रमोद कुमार के नामों पर आपत्ति जताई और कहा कि तीनों प्रस्तावकों के हस्ताक्षर व अंगूठा निशान फर्जी हैं। इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने सपा प्रत्याशी जसवंत सिंह यादव को नोटिस देकर आपत्ति का जबाव देने का आदेश दिया। इसके बाद सपा नेताओं में खलबली मच गई।

सपा प्रत्याशी के चुनाव अभिकर्ता, हाथरस की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवती यादव व पार्टी जिलाध्यक्ष गिरीश यादव व अज्जू इश्हाक आदि दो प्रस्तावक सरबती देवी व गुड्डी देवी को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। उन्होंने नोटिस का जवाब दाखिल किया। इस दौरान तीनों प्रस्तावकों के हस्ताक्षरों व अंगूठा निशानी का मिलान कराया गया। सपा प्रत्याशी पक्ष ने बताया कि तीसरे प्रस्तावक प्रमोद कुमार अपने एक रिश्तेदार की गमी में शामिल होने गए हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसलिए प्रमोद से संपर्क कर उनके अलावा बुधवार को सभी दस प्रस्तावकों को पेश किया जाएगा।डीएम ने सपा प्रत्याशी को तीसरे प्रस्तावक को बुधवार सुबह दस बजे तक पेश करने करने की मोहलत दे दी। इस दौरान भारी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा और कलेक्ट्रेट छावनी में तब्दील रहा। खबर के अनुसार सपा जिलाध्यक्ष, भाजपा प्रत्यासी और जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस घटना के बारे ये सब बताया :

सत्ता के दबाव में सपा प्रत्याशी जसवंत सिंह यादव के पर्चे को खारिज करने की साजिश रची जा रही है, जिन तीन प्रस्तावकों को लेकर आपत्ति जताई गई थी, उनमें से दो को पेश कर दिया गया है। तीसरे प्रस्तावक को बुधवार को पेश किया जाएगा, लेकिन सत्तारूढ़ दल के नेताओं की मंशा को पूरा नहीं होने देंगे। – गिरीश यादव, जिलाध्यक्ष, सपा

सपा प्रत्याशी निर्धारित दस प्रस्तावक भी नहीं ला सके। हार से इतना घबरा गए कि फर्जी तरीके से नामांकन पत्र पर तीन प्रस्तावकों के हस्ताक्षर करा लिए। इसी पर उनकी आपत्ति थी। इनमें से दो प्रस्तावकों को बाहुबल व धनबल के आधार पर पेश किया गया है। तीसरा प्रस्तावक पेश ही नहीं कर पाए हैं। – चौधरी ऋषिपाल सिंह, भाजपा प्रत्याशी

निर्धारित चुनावी प्रक्रिया के तहत आपत्ति पर सपा प्रत्याशी को नोटिस जारी किया गया था। तीन में से दो प्रस्तावकों को पेश किया गया। प्रत्याशी पक्ष की ओर से तीसरे प्रस्तावक को प्रस्तुत करने के लिए कुछ घंटों की मोहलत मांगी गई थी। बुधवार सुबह 10 बजे तक प्रस्तावक को लाने की अनुमति दी गई है। यदि प्रस्तावक को नहीं ला पाते हैं तो चुनाव आयोग के नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। – सेल्वा कुमारी जे. डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी

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