लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने पहली लिस्ट जारी कर दी है. प्रियंका गांधी ने कांग्रेस की पहली लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट में 125 उम्मीदवार हैं, जिसमें 50 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं. उन्नाव रेप पीड़िता की मां को भी कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है. प्रियंका गांधी ने बताया कि कांग्रेस के उम्मीदवारों में महिलाओं के साथ-साथ कुछ पत्रकार, एक अभिनेत्री और समाज सेवी भी शामिल हैं.

जहां एक तरफ प्रियंका गांधी के निर्णय का समर्थन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के तमाम कार्यकर्ता कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के एक उम्मीदवार को लेकर घमासान छिड़ गया है। उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर के सदर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने लोटन राम निषाद को टिकट दिया है। माना जा रहा है की सदर विधानसभा क्षेत्र में पहले से ही निषाद व बिंद समाज के वोट बैंक पर अपना हक जताने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार में राज्य मंत्री डॉक्टर संगीता बलवंत विधायक हैं। ऐसे में निषाद समाज के एक दूसरे चेहरे को टिकट देना कांग्रेस के लिए कितना फायदेमंद होगा यह देखने वाली बात होगी।

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लेकिन बात जातिगत समीकरण की नहीं है बात है प्रियंका गांधी के उस नारे की जिसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हर जगह है। प्रियंका गांधी ने कहा था कि लड़की हूं लड़ सकती हूं नारे के साथ हम उत्तर प्रदेश में 40 फ़ीसदी महिलाओं को टिकट देंगे। कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि प्रियंका गांधी ने कहा था जितनी भी सदर विधानसभा क्षेत्र की सीटें हैं उन सीटों पर महिलाओं को ही टिकट दिया जाएगा। लेकिन गाजीपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से एक पुरुष प्रत्याशी जो निशा समाज से आते हैं जिनका नाम लोटन राम निषाद है को टिकट दिया गया है जिसको लेकर गाजीपुर कांग्रेस कार्यालय पर तमाम कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया। लोटन राम निषाद का पुतला फूंका गया साथ ही वहां पर नोटिस लगा दी गई कि लोटन राम निषाद यहां नहीं आ सकते हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोटन राम निषाद एक दागदार प्रत्याशी हैं, उनके ऊपर गबन का आरोप है, कुछ दिन पूर्व ही वह कांग्रेस में शामिल हुए और अपनी चतुराई से उन्होंने टिकट ले लिया।

गाजीपुर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष कुसुम तिवारी ने कहा कि “जब से लड़की हूं लड़ सकती हूं का फार्मूला सामने आया है तब से कुछ दलाल एक्टिव हो गए हैं और शीर्ष नेतृत्व को धोखा देते हुए उन्हें गुमराह करते हुए कार्य कर रहे हैं। हम कांग्रेस का विरोध नहीं कर रहे हैं, हम लोटन राम निषाद का विरोध कर रहे हैं, जिसको समाजवादी पार्टी ने इसलिए निकाल दिया क्योंकि उन्होंने धर्म को लेकर गलत बयानबाजी की थी, लोटन राम निषाद करंडा नारीपचदेवा के पास के रहने वाले हैं, उनके ऊपर उसी गांव में चोरी का आरोप भी लगा, उनका भाई भी उनको पसंद नहीं करता, वह भाई का ही वोट नहीं ले सकते हैं तो दूसरों का क्या लेंगे। वह यहां रहते भी नहीं है वह बनारस में रहते हैं। गाजीपुर में अब ऐसा लग रहा है कि लड़की हूं लड़ सकती हूं का नारा व्यर्थ हो गया है।”

अब देखने वाली बात है कि क्या वाकई में लोटन राम निषाद कांग्रेस के लिए कमजोर उम्मीदवार हैं? क्या कांग्रेस गाजीपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से अपना चेहरा बदलेगी या कांग्रेस अपने वादे पर खरा उतरेगी? क्या लड़की हूं लड़ सकती हूं का नारा साकार होगा? क्या गाजीपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से भी टिकट बदलकर किसी महिला को टिकट दिया जाएगा?

बड़े नामों की बात करें तो सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद को टिकट मिला है. उन्नाव से कांग्रेस ने आशा सिंह को उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा NRC-CAA के खिलाफ आंदोलन करने वालीं सदफ जाफर को उम्मीदवार बनाया गया है. इसके अलावा पूनम पांडे को टिकट मिला है, वह आशा वर्कर हैं.

उन्नाव से सामूहिक बलात्कार मामले की पीड़िता की मां आशा सिंह को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले में न्याय की मांग जोर-शोर से उठाई थी और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा था।वहीं, शुक्रवार को समाजवादी पार्टी ने ऐलान करते हुए कहा कि वह उन्नाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी, बल्कि सपा आशा सिंह का समर्थन करेगी। इस तरह समाजवादी पार्टी अपनी छव‍ि ऐसी पार्टी के रूप में पुख्‍ता करना चाहती है, जो समाज के दलित दमित शोषित वर्ग के समर्थन में खड़ी है। हाल ही में बीजेपी के कई ओबीसी विधायक सपा से जुड़े हैं। सपा सोशल इंजीनियरिंग का यह मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहती है। इस पूरे मामले में आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर भी बीजेपी का विधायक रह चुका है। इस‍ ल‍िहाज से इसका एंटी बीजेपी कनेक्‍शन भी है।

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