गाज़ीपुर। पूर्वांचल में राजभर समुदाय का 18 से 22 फ़ीसदी तक का वोट है।पूर्वांचल की कई सीटों पर राजभर वोट गेम चेंजर की भूमिका में है। ओमप्रकाश राजभर को सियासी रूप से जवाब देने के लिए बीजेपी ने गाजीपुर की जहूराबाद सीट से दो दफा विधायक रहे कालीचरण राजभर को बीजेपी में शामिल किया है ।जहुराबाद सीट से ही ओमप्रकाश राजभर वर्तमान में विधायक है।

राजभर बनाम राजभर का समीकरण।

कालीचरण राजभर 2002 और 2007 में जहुराबाद विधान सभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। उस वक्त वह बीएसपी में थे। बाद में उन्होंने बीएसपी से वास्ता तोड़ समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर लिया था। रविवार को लखनऊ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में कालीचरण राजभर ने भाजपा का दामन थामा।माना जा रहा है कि ओमप्रकाश राजभर का समाजवादी पार्टी के साथ राजनीतिक गठबंधन होने के बाद समाजवादी पार्टी से कालीचरण राजभर को
विधानसभा क्षेत्र से लड़ने का विकल्प नहीं मिल पाता ,इसलिए समय रहते वह बीजेपी में शामिल हो गए ।बीजेपी को भी जहुराबाद विधान सभा सीट पर एक मजबूत उम्मीदवार के रूप में कालीचरण राजभर जैसा कैंडिडेट मिल जाएगा। 2017 के विधानसभा चुनाव में ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने बीजेपी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था लेकिन 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में ओमप्रकाश राजभर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने की राह पर हैं।2012 के चुनावों में कालीचरण राजभर हैट्रिक लगाते-लगाते रह गए थे।कालीचरण की हार की वजह ओपी राजभर बने थे।उस चुनाव में राजभर वोटों का विभाजन हो गया था।कालीचरण राजभर और ओपी राजभर के बीच वोटों के विभाजन के प्रतिफल समाजवादी पार्टी की शादाब फातिमा विजयी होने में कामयाब रहीं थी।

अन्यों ने भी किया बीजेपी का रुख ।

रविवार को महाराजा सुहेलदेव के वंशज मोनू राजभर
के साथ ही सुभासपा छोड़कर मदन राजभर और ज्ञान राजभर,बब्बन राजभर,सुशील राजभर ,प्रकाश राजभर,राजेश राजभर भी बीजेपी में शामिल हो गए।

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