संवादाता: शैलेन्द्र शर्मा

आजमगढ़। जनपद के अलावा आसपास के जिलों में नकली शराब के काले कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। मंगलवार को जिले के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) व नागरिक पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। इस दौरान मौके से 30 पेटी नकली देशी शराब, 1200 लीटर रेक्टिफाइड स्प्रिट, घातक रसायन के साथ ही भारी मात्रा में खाली शीशी, ढक्कन व रैपर के साथ ही नकली बारकोड बरामद किए गए। छापेमारी के दौरान दो व्यक्ति पुलिस टीम के हत्थे चढ़ गए, जबकि फैक्ट्री संचालक फरार हो गया। इस उपलब्धि के बाद जिले की समस्त शराब की दुकानों पर नकली शराब की बरामदगी के लिए चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

मंगलवार की सुबह जीयनपुर कोतवाली पहुंची एसटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ क्षेत्र के दाऊद पुर गांव में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस टीम ने नकली देशी शराब फैक्ट्री का खुलासा करते हुए वहां मौजूद दो व्यक्तियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। मौके से बंटी बबली व बांबे स्पेशल नाम से तैयार 30 पेटी नकली देसी शराब की बरामदगी की गई। साथ ही आधा दर्जन ड्रमों में भरी 1200 लीटर रेक्टिफाइड स्प्रीट व घातक रसायनों के साथ ही हजारों की संख्या में खाली शीशियां, ढक्कन, रैपर तथा नकली बारकोड पुलिस ने कब्जे में लिया। पकड़े गए लोगों से हुई पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि इस शराब फैक्ट्री का संचालन मऊ जनपद के घोसी थाना क्षेत्र का रहने वाला पन्नालाल नामक व्यक्ति करता है। यहां से तैयार की जाने वाली नकली शराब जनपद के अलावा आसपास के जिलों में सरकारी दुकानों पर बिक्री के लिए पहुंचाई जाती है। इस बात की जानकारी होने पर जिला अधिकारी राजेश कुमार व पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह भी जीयनपुर कोतवाली पहुंच गए। जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद की समस्त देसी शराब की दुकानों पर नकली शराब की बरामदगी के लिए चेकिंग अभियान का निर्देश दिया गया। साथ ही आसपास के जनपदों के प्रशासन को भी इस बात की जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक के अनुसार बरामद की गई शराब की कीमत लगभग 25 लाख आंकी गई है।

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