गाजीपुर | अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन( एपवा) इंकलाबी नौजवान सभा के कार्यकर्ताओ ने उत्तर सरकार से की प्रमुख मांग –

  • कानपुर शेल्टर होम कांड की उच्चस्तरीय न्यायिक जाॅच कराओ ,
  • 57 लड़कियों के करोना पाजिटिव और 7 बालिकाओ के गर्भवती होने की हो जबाबदेही
  • महिला व बाल विकास मंत्री इस्तीफा दों ,
  • शेल्टर होम में बालिकाओ के सम्मान, सुरक्षा ,स्वास्थ्य की गारंटी करों

आदि सवालों के साथ तुलसीसागर लंका कार्यालय समेत जमानियां मे आक्रोश दिवस माने गया और साथ ही राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन तहसीलदार सदर व जमानियां को सौपा गया.

गाजीपुर मे कार्यक्रम मे उपस्थित कार्यकर्ताओ को सम्बोधित करते हुए इनौस जिलाध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने कहा कि देवरिया शेल्टर होम कांड प्रकरण से योगी सरकार ने सबक लिया होता तो कानपुर शेल्टर होम मे 57बालिकाए कोरोना पाजिटिव ,7लड़कियां गर्भवती नही होती. उस समय योगी सरकार ने श्वेत पत्र जारी कर निश्चित समय पर सभी संरक्षण गृहों का मानिटरिंग करने का भरोसा दिया था, योगी सरकार की आपराधिक लापरवाही के चलते यह घटना हुई.

मनोज कुशवाहा ने लापरवाही के लिए जबाबदेह महिला व बाल विकास मंत्री के इस्तीफे की मांग की तथा शेल्टर होम मे बच्चियों और किशोरियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य की गारंटी करने की मांग उठाई.

ऐपवा नेता शकुन्तला देवी ने कहा कि योगी राज मे बेटियां और महिलाए सुरक्षित नही है, महिलाओ पर हिंसा हमले,गैगरेप, बलात्कार की घटनाए आमबात हो गई है.

उन्होने शेल्टर होम के लिए श्वेत पत्र जारी करने तथा निश्चित समयावधि में सामाजिक कार्यकर्ताओ की मौजुदगी में होम शेल्टर की मानिटरिगं को सुनिश्चित करने की मांग की.

आक्रोश दिवस को योगेन्द्र भारती ,अमरनाथ पासवान ,बेचू वनवासी ,देवंती देवी ,रिंकू देवी ,जानदेव , जमुना राजभर ,जमानियां मे माधुरी सिंह ,सरोज यादव ,ने सम्बोधित किया.

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