गाजीपुर/ब्यूरो रिपोर्ट | लॉक डाउन में सब कुछ बंद होने से, इसका सबसे बड़ा असर मजदूरों और किसानों पर पड़ता हुआ प्रतीत हो रहा है. जहाँ एक तरफ मजबूर मजदूर हजारों किलोमीटर सड़क पर पैदल चलने को मजबूर हैं तो वहीँ किसान आर्थिक मार झेल रहे हैं.

ताजा मामला कासिमाबाद तहसील के भूपतिपुर गाँव का है, जहाँ किसनों के खेत से होकर जा रही बांध को मिटटी फेक कर ढका जा रहा है. बताते चलें कि इस बांध में बारिश का पानी इकठ्ठा होता है, यदि ये बांध को बंद कर इसपर सड़क बनाई गई तो खेतों में बारिश का पानी इकठ्ठा हो जायेगा, जिससे फसलों को काफी नुक्सान होगा. किसानों का कहना है कि स्थानीय ग्राम प्रधान ने आर्थिक लाभ के कारण बांध को सड़क में तब्दील करवा रहा है.

गौरतलब है कि इस मामला का मुक़दमा सिविल जज ज०ू ड० मुहम्मदाबाद में विचाराधीन है और पूर्व उप जिलाधिकारी कासिमाबाद द्वारा निर्माण कार्य पर रोक भी लगाया गया है लेकिन इन सबके बावजूद कानून को ठेंगा दिखाते हुए ग्राम प्रधान धडल्ले से बांध पर सड़क निर्माण का कार्य करवा रहा है.

किसानो ने वर्तमान कासिमाबाद उप जिलाधिकारी रमेश मौर्य से शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई. प्रशासन के इस व्यवहार से किसान परेशान हैं. किसानों का कहना है कि यदि बांध को बन्द नहीं किया गया तो 500 बीघा खेत तबाह हो जायेंगे, जो की एक राष्ट्रिय छति है, अन्न उत्पादन न होने से किसान भुखमरी का शिकार होकर आत्महत्या के लिए विवश हैं.

किसानों द्वारा दिया गया पत्र :

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