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नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज एक बार फिर मीडिया से मुखातिब होंगी. इस दौरान सीतारमण आर्थिक पैकेज से जुड़ी जानकारी देंगी. पहले दो दिन उन्होंने एमएसएमई और प्रवासी मजदूरों पर केंद्रित कई एलान किए.

4:07 PM IST | 15 MAY 2020

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज की घोषणाओं में कृषि और उससे संबंधित गतिविधियों पर ध्यान दिया जाएगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आत्म निर्भर भारत के लिए पीएम ने सप्लाय चेन और टेक्नोलॉजी सुधारों का ज़िक्र किया था. भारत के किसानों ने हमेशा विपरीत हालात में अपनी क्षमता दिखाई है. भारत दूध, जूट का नम्बर वन उत्पादक है. गन्ने कपास समेत कई उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं आज 11 घोषणा करूंगी, जिनमें से 8 बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, क्षमता और बेहतर लॉजिस्टिक के निर्माण से संबंधित हैं, जबकि बाकी 3 प्रशासनिक सुधारों से संबंधित हैं.

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस
  • 20 लाख करोड़ के पैकेज की तीसरी किस्त की जानकारी दे रहीं
  • अभी तक मजदूरों-किसानों-MSME सेक्टर के लिए हुआ ऐलान
  • पीएम मोदी ने किया था 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान

कृषि के बुनियादी ढांचे के लिए एक लाख करोड़ देगी सरकार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि के बुनियादी ढांचे के लिए सरकार एक लाख करोड़ देगी. ये एग्रीग्रेटर्स, एफपीओ, प्राइमरी एग्रीकल्चर सोसाइटी आदि के लिए फार्म गेट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए दिया जाएगा जैसे कोल्ड स्टोरेज.
फूड एंटरप्राइजेज माइक्रो साइज के लिए 10 हजार करोड़
वित्त मंत्री ने कहा कि फूड एंटरप्राइजेज माइक्रो साइज के लिए 10 हजार करोड़ रुपये दिया जाएगा. क्लस्टर आधार पर ताकि वे ग्लोबल स्टैंडर्ड के प्रोडक्ट बना सकें, वेलनेस, हर्बल, आॅर्गनिक प्रोडक्ट करने वाले 2 लाख माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज को फायदा होगा. जैसे बिहार में मखाना उत्पाद, कश्मीर में केसर, कर्नाटक में रागी उत्पादन, नॉर्थ ईस्ट में आॅर्गनिक फूड, तेलंगाना में हल्दी.
वित्त मंत्री ने कहा कि जैसे बिहार में मखाने, कर्नाटक में रागी और मोटा धान, तेलंगाना में हल्दी आदि के क्लस्टर विकसित किए जा सकते हैं. इससे लोकल के लिए वोकल और फिर ग्लोबल के विजन को साकार करने में मदद मिलेगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 20,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की योजना शुरू की है. इस योजना से 55 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फुट एंड माउथ डिजीज और ब्रुसेलोसिस के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 13,343 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि 15,000 करोड़ रुपये का पशुपालन बुनियादी ढांचा विकास कोष शुरू किया जाएगा. इससे पशुपालन से जुड़े लोगों को मदद मिलेगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 500 करोड़ रुपये मधुमक्खी पालन पर खर्च किए जाएंगे. दो लाख से ज्यादा मधुमक्खी पालकों को इससे मदद मिलेगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हर्बल खेती को बढ़ावा देने के लिए 4000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. अगले 2 साल में 10,00,000 हेक्टेयर जमीन को कवर किया जाएगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि टॉप से टोटल योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का लाभ दिया जाएगा. टमाटर, आलू और प्याज के लिए लागू योजना को सभी फलों व सब्जियों के लिए लागू किया जाएगा. इसके तहत अधिकता वाले इलाके से कमी वाले इलाके में भेजने के लिए 50 फीसद सब्सिडी कोल्ड स्टोरेज और परिवहन के लिए दी जाएगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आवश्य वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन किया जा रहा है. आलू, प्याज, खाद्यान्न, खाद्य तेल, तिलहन, दाल आदि के लिए स्टॉक सीमा को खत्म किया जा रहा है. हालांकि विशेष आपदा परिस्थितियों में इसके लिए सीमाएं निर्धारित की जा सकती हैं.
किसानों के लिए एक और ऐलान
वित्त मंत्री ने कहा कि सप्लाई चेन किसानों की बाधित हो गई है. फल, सब्जियों को खेतों से बाजार तक लाने के लिए, खराब होने से बचाने के लिए 500 करोड़ रुपये की अगले 6 महीने तक इस पायलट प्रोजेक्ट को बढ़ा दिया गया है.

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