ब्यूरो डेस्क | कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र हुए लॉक डाउन में आम जनता के सामने बहुत बड़ी समस्या कड़ी हो गई. सरकार के लिए सबसे चिंता का विषय गरीबों का कल्याण का है कि इस लॉक डाउन में किसी गरीब परिवार को परेशानी न हो.

ऐसे में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए उत्तर प्रदेश में महिलाएं,दिहाड़ी मजदूर और गरीब लोगों को सरकार की तरफ से दिए गये लाभ का आंकड़ा बताया.

उन्होंने बताया कि “पहली बार आपदा के समय एक बड़ा राहत पैकेज प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत घोषित हुआ।जो लोग अपने शासन काल में गरीबों,महिलाओं का कल्याणकारी योजनाओं का पैसा हड़प जाते थे।आज जब ये पैसा उन गरीबों के खाते में पहुंच रहा है तो उनकी बौखलाहट स्पष्ट दिखाई देती है.”

उन्होंने आगे कहा कि “2करोड़, 34लाख किसानों के खाते में 2-2हजार रुपए आ चुके हैं। 3करोड़, 26लाख महिलाओं के जन-धन अकाउंट में 1630 करोड़ रुपए की पहली किश्त अप्रैल और1630 करोड़ की धनराशि मई महीने में आ चुकी है.”

उन्होंने कहा कि “1करोड़ 47लाख परिवारों को निशुल्क रसोई गैस के सिलेंडर उपलब्ध करवाए गए। 18करोड़ गरीबों को 2बार राशन बांटा जा चुका है और तीसरी बार बंटने जा रहा है। 30लाख से अधिक दिहाड़ी मजदूर और गरीब लोगों को सरकार 1000रुपए का भरण-पोषण भत्ता और मुफ्त खाद्यान्न दे रही है.”

इस लॉक डाउन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार राजनीती का रास्ता अपनाते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है.

 

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