संवाददाता शैलेंद्र शर्मा


आजमगढ़, । जनपद के ब्लॉक अतरौलिया के अंतर्गत उपकेंद्र लोहरा पर आशा कार्यकर्ताओं को कोरोना वायरस से बचाव को बरतने वाले एहतिहात, ग्राम सर्वे रजिस्टर पूरा करने तथा परिवार नियोजन के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण की शुरुआत में ही अतरौलिया के मेडिकल आफिसर इनचार्ज (एमओआईसी) शिवाजी सिंह ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए एहतिहात को ही एकमात्र रास्ता बताया। उन्होंने कहा कि जब कोई चीज छुएं या हर घंटे पर 40 सेकंड तक हाथ धोएं। हमेशा सोशल डिस्टैंसिंग का प्रयोग करते हुए एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। अनावश्यक बाजारों में न जाएँ। मास्क लगाएं और सैनेटाइजर का प्रयोग करती रहें।


प्रशिक्षण दे रहीं आशा संगिनी कंचन पांडे ने कहा कि ग्राम स्वास्थ्य रजिस्टर पूरा करने के लिए पूरे गांव का सर्वे करना जरूरी है। इस दौरान देखना होगा कि गांव में कितनी गर्भवती महिलाएं हैं, कितने का प्रसव हुआ, कितने बच्चे को टीका लगना है, गर्भवतियों की चार जांचों को भी रजिस्टर पर चढ़ाना जरूरी है। गांव में जितने भी जन्म और मृत्यु हो रही हैं, उसे भी रजिस्टर पर चढ़ाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन के लिए जितने लक्ष्य दम्पति हैं, उन पर ध्यान देना जरूरी है। यह देखना होगा कि ऐसे लोग परिवार नियोजन के कौन से साधन अपनाते हैं। उनकी सूची बनाना होगा। जिनका परिवार पूरा हो गया है, उन्हें नसबंदी कराने के लिए प्रेरित करना होगा। ऐसे लोगों का गृह भ्रमण कर यह कार्य पूरा कर लेना जरूरी है।
आशा संगिनी ने बताया कि बच्चों की देखभाल के लिए एचबीएनसी के तहत 6-7 भ्रमण करना जरूरी है। इस दौरान बच्चे को कोई दिक्कत हो तो उसे सीएचसी अतरौलिया तथा अन्य सरकारी अस्पताल ले जाएं। इसके साथ ही बच्चे में क्या-क्या खतरे हैं और उनकी मां को क्या-क्या खतरे हैं, उनपर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने एचबीएनसी के सारे कौशलों का प्रयोग करना जरूरी बताया।


कौशलों के बारे में दी जानकारी : 1-बच्चे को कपड़े में लपेटना, 2-बच्चे का वजन करना, 3-बच्चे का तापमान मापना, 4-बच्चे का डिजिटल घड़ी से धड़कन देखना, 5-इन कौशलों में भी सबसे पहले छह तरीकों से हाथ धोना।
सुमन-के का बताया फॉर्मूला : हाथ धोने के लिए SUMAN-K का प्रयोग करना। S-मतलब सीधा, U-मतलब उल्टा, M-मुट्ठी, A-अंगूठा, N-नाखून, k-कलाई को धोना चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान आशा, प्रभारानी, सावित्री पांडे, संगीता देवी, लीलावती, रेखा, पुष्पलता सहित तमाम आशाएं मौजूद रहीं।

Leave a Reply