ब्यूरो डेस्क | कोरोना संक्रमण के चलते प्रधानमंत्री ने एक बार फिर 3 मई तक लॉक डाउन का एलान किया है. ऐसे में ये जानना जरुरी है कि आम जनता के लिए क्या नियम होंगे. आपको बता दें कि 3 मई तक आम जनता वैसे ही नियम का पालन करेगी जैसे अब तक लॉक डाउन में करते हुए आ रही है. लेकिन वहीँ ग्राम उद्योग और मनरेगा को अनुमतिं देने की बात सामने आ रही है.

बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में मुख्य सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि “देश के जिलों को हॉटस्पॉट ​जिले,नॉन-हॉटस्पॉट जिले(जहां मामले सामने आ रहे हैं )और ग्रीन ज़ोन जिलों(जहां कोई मामला सामने नहीं आया है) में बांटा गया है।हॉटस्पॉट जिले वो हैं जहां ज्यादा मामले आ रहे हैं या मामलों की बढ़ने की गति तेज है.”

उन्होंने आगे कहा कि “जिलों को बताया गया है कि वो कोविड डेडिकेटिड अस्पताल, माइल्ड केस के लिए कोविड केयर सेंटर और गंभीर मामलों के लिए कोविड हेल्थ सेंटर, नाजुक मामलों के लिए कोविड अस्पताल बनाएं (जहां वेंटिलेटर भी मौजूद हो). सभी जिलों को कहा है कि वो जिला स्तर पर #COVID19 के लिए एक संकट प्रबंधन प्लान बनाएंं।जिलों को कहा है कि एक की असफलता पूरे देश की असफलता का कारण हो सकती है।इसलिए जरूरी है कि ​कंटेनमेंट प्लान पूरे देश में हर जिले में समान रूप से लागू हो.”

उन्होंने कहा कि #Lockdown2 के दौरान मनरेगा के काम को करने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते उचित #SocialDistancing मानदंडों का पालन किया जाए। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया है. ग्रामीण उद्योग, जो नगरपालिका की सीमाओं के बाहर स्थित हैं, उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों पर ध्यान देते हुए कार्य करने की अनुमति दी गई है.

Leave a Reply