ब्यूरो डेस्क/गाजीपुर। वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण को लेकर लाकडाउन के तीसरे दिन जनपद कई बड़ी किराना की दुकानें बंद नज़र आयी। ये वैसी दुकाने हैं जो अपने क्षेत्र में भरपूर आपूर्ति कर सकती हैं। सरकार के आदेश के बावजूद ऐसी दुकानों को नहीं खोला गया है। सोशल डिस्टेंस को बनाये रख इन दुकानों से स्थानीय जनता अपने जरुरत की चीज़ें ले सकती है और दूकानदार के पास होम डिलेवरी करने की भीभी क्षमता है लेकिन स्थानीय चौकी इंचार्ज द्वारा इन दुकानों को नहीं खुलने दिया जा रहा है, वहीँ सदर एसडीएम प्रभाष कुमार का सीयूजी नम्बर हेल्पलाइन नम्बर के रूप में दिया गया है। जिस पर जनता द्वारा अपनी समस्याओं को लेकर लगातार फोन करने के बावजूद भी फोन नहीं उठ रहा है।

  • हो रहा है दुकानदारों के साथ भेद भाव 
  • अधिकारी नहीं उठा रहे फ़ोन
  • नहीं मिल रही है सुविधाएं
  • परेशान हैं क्षेत्रीय लोग

इस बीच खोवा मण्डी स्थित ए एस फैमिली बाजार के आनर सोनू श्रीवास्तव ने कुछ पत्रकारों से बताया कि “लाकडाउन से पहले स्थानिय चौकी से सिपाही ने आकर मेरे दूकान का मुवायना किया और मुवायने के बाद बताया कि आपकी दूकान किराने की है और मेरा मोबाइल नम्बर ले कर गया। दूकानदार द्वारा पूछे जाने पर कि ये कैसा मुवायना हो रहा है तो सिपाही द्वारा बताया गया कि जो किराना स्टोर की दुकान है उसका मोबाइल नम्बर लिया जा रहा है और लिस्ट बनाया जा रहा है। इसके बाद लाकडाउन के दिन दूकान के आनर ने दुकान खोलने से पहले स्थानिय चौकी इंचार्ज को फोन किया की सर क्या मैं दुकान खोल सकता हूं? तो चौकी इंचार्ज ने बोला की नहीं आपका दूकान मॉल की तरह है। जबकि शहर के कचहरी के पास ए के ट्रेडर्स की सेल्फ सर्विस वाली बहुत बड़ी दूकान है और वो दूकान खुली हुई है, तो क्या मैं अपने क्षेत्रीय लोगों को सेवा नहीं दे सकता ?”

इस बात की पुष्टि करने के लिए दुकानदार ने सदर एसडीएम प्रभाष कुमार को फोन किया। कई बार फोन करने के बावजूद भी उनका फोन नही उठा।

दुकानदार सोनू श्रीवास्तव का कहना है मुख्यमंत्री योगीआदित्य नाथ का आदेश है कि “सभी किराना, सब्जी की दुकान खुली रहेंगी। लेकिन फिर भी स्थानिय चौकी इंचार्ज द्वारा दुकान खोलने नही दिया जा रहा है। दुकानदार का कहना है कि सिपाही द्वारा मुवायना करने के बाद ही मैं लोगों को अपनी सेवा देने के लिए ज्यादा से ज्यादा खादय सामाग्री को भरा हूं।”

वहीं दूसरी तरफ कपूरपुर के हसीन अंसारी का कहना है कि “मैने सदर एसडीएम प्रभाष कुमार को अपने मुहल्ले में हुई गन्दगी व कोरोना वायरस अथवा कोविड 19 को देखते हुए दवा का छिड़काव नही किया गया है। जिसको लेकर 26 मार्च की शाम को फोन किया। लेकिन उनका फोन नहीं उठा। इससे पहले नगर पालिका के चेयरमैन को मैने फोन किया था।”

सबसे बड़ा सवाल है कि जब अधिकारी ही फोन नही उठाएंगे तो लोगों की समस्या को कौन सुनेगा।

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