ब्यूरो डेस्क |16 मार्च यानि सोमवार को पूर्व चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया. ये फैसला राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लिया। गोगोई को राज्यसभा सीट दिए जाने पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार को ख़ूब निशान साधा और न्यायपालिका से सम्बंधित लोगों ने भी अपनी राय बताई। सबकी अपनी अपनी राय थी लेकिन सबसे तीखा बयान आया सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज मार्कंडेय काटजू का। जब काटजू सुप्रीम कोर्ट में थे, तो अपने फैसलों के लिए जाने जाते थे।

अपने ट्वीटर हैंडल पर काटजू ने लिखा है

मैं 20 साल तक वकील और 20 तक जज रहा हूं. मैंने कई अच्छे जजों और कई बुरे जजों को जाना. लेकिन मैं भारतीय न्यायपालिका में किसी भी न्यायाधीश को इस यौन विकृत रंजन गोगोई जितना बेशर्म और अपमानजनक नहीं मानता. शायद ही कोई दोष है, जो इस आदमी में नहीं था.

आपको बता दें कि जानकारी के अनुसार काटजू तीन उच्‍च न्‍यायालयों (इलाहाबाद हाईकोर्ट, 2004, मद्रास हाईकोर्ट, 2004 और दिल्‍ली हाईकोर्ट, 2005) के चीफ जस्टिस रह चुकें हैं और 2006 से लेकर 2011 तक काटजू सुप्रीम कोर्ट के जज रहे।

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